संकट में मसीहा: खाड़ी देशों के तनाव के बीच भारतीयों के लिए ढाल बने नागौर के धीरज जैन

संकट में मसीहा: खाड़ी देशों के तनाव के बीच भारतीयों के लिए ढाल बने नागौर के धीरज जैन

Messiah in crisis: Dheeraj Jain of Nagaur becomes a shield for Indians

Messiah in crisis: Dheeraj Jain of Nagaur becomes a shield for Indians

नागौर: मुसीबत में अगर कोई मददगार बन जाए वो मसीहा से कम नहीं लगता । अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध के हालातों के बीच सैकड़ों भारतीयों के लिए ऐसे ही मददगार बने हैं। बताया जा रहा है कि राजस्थान के धीरज जैन। राजस्थान के नागौर जिले के मेड़ता सिटी के रहने वाले धीरज दुबई में रियल एस्टेट डेवलपर है। खाड़ी देशों में हो रही तनाव की स्थिति और लगातार कैंसिल हो रही फ्लाइट्स के बीच धीरज जैन ने लोगों की मदद का फैसला लिया है।
 

धीरज जैन बने फरिश्ता

दरअसल, फ्लाइट्स लगातार रद्द होने से सैकड़ों नौकरीपेशा, पर्यटक और छोटे भारतीय व्यवसासी दुबई समेत यूएई के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। फ्लाइट्स रद्द होने के कारण लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। कई लोगों के पास पैसे खत्म हो चुके हैं, जिससे उनके सामने रहने और खाने-पीने तक का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में धीरज जैन लोगों के लिए फरिश्ता बनकर काम कर रहे हैं।

200 भारतीयों को फॉर्म हाउस पर ठहराया

जानकारी मिली है कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तनाव के मद्देनजर भारतीयों के UAE में फंसे होने की जानकारी मिलते ही धीरज जैन ने तुरंत सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नंबर जारी कर दिया। अपने इस पोस्ट में उन्होंने यह संदेश दिया कि यूएई में फंसा कोई भी भारतीय, जिसके पास ठहरने की व्यवस्था नहीं है, वह अजमान स्थित उनके फार्म हाउस में आ सकता है। धीरज ने यहां स्थित अपना फॉर्महाउस लोगों की मदद के लिए खोल दिया है। इधर, धीरज के पोस्ट के बाद उन्हें लगातार कॉल आ रहे हैं। सूचना यह भी मिली है कि कई लोगों के धीरज के फार्म हाउस तक पहुंचने के लिए ट्रांसपोर्टेशन सुविधा भी नहीं थी। लिहाजा धीरज जैन ने अपनी 11 गाड़ियां लगाईं और दुबई सहित अन्य इलाकों से लोगों को खुद लेने के लिए पहुंचे हैं। सभी को अपने फॉर्महाउस ले गए हैं। फिलहाल उनके फार्म हाउस में करीब 200 भारतीय ठहरे हुए हैं। सभी के लिए मुफ्त रहने, खाने-पीने और अन्य जरूरी सुविधाओं दी जा रही है।

फ्लाइट्स कैंसिलेशन के बीच बने मसीहा

बता दें कि जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट  से खाड़ी देशों के लिए संचालित होने वाली चार फ्लाइट्स लगातार पांचवें दिन रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। लेकिन इसी बीच धीरज जैन का कहना है कि हालात सामान्य होने और फ्लाइट्स दोबारा शुरू होने तक वे लोगों की मदद जारी रखेंगे। धीरज ने बताया कि जरूरत पड़ने पर 300 लोगों के ठहरने की तैयारी उनकी ओर से पहले से की जा चुकी है।

यूएई में रुककर मदद करना उचित समझा
धीरज का कहना है कि भारत में मेरा परिवार भी चिंतित है। उनका कहना है कि वे चाहते तो निजी व्यवस्था से देश लौट सकते थे, लेकिन जब उन्हें यह जानकारियां मिली कि बहुत से लोग यहां परेशान हो रहे हैं. लिहाजा उन्होंने संकट की इस घड़ी में यूएई में रुककर अपने लोगों की मदद करना ज्यादा जरूरी समझा। भारतीयों के अलावा अन्य देशों के नागरिकों को भी यथासंभव सहायता दी जा रही है।