हिमाचल नगर परिषद राजनीति में कांग्रेस का बड़ा दांव, जोगेंद्रनगर में भाजपा का बहुमत भी नहीं आया काम
Congress makes a major strategic move
मंडी। Congress makes a major strategic move, राजनीति में खेल आखिरी गेंद तक चलता है। नगर परिषद चुनाव में कई स्थानों पर भाजपा ने मैदान तो मार लिया लेकिन जब अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनने की बारी आई तो कांग्रेस ने ऐसा खेल खेला कि भाजपा की रणनीति किसी काम नहीं आई। नगर परिषद जोगेंद्रनगर में जनता ने तो बहुमत भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को दिया था लेकिन कांग्रेस की चाल के आगे भाजपा की रणनीति धरी रह गई।
सात सदस्यीय नगर परिषद में भाजपा जीत का दावा करती रही लेकिन प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष जीवन ठाकुर ने ऐसी बिसात बिछाई कि बाजी पलट गई।
अध्यक्ष चुनाव से पहले कांग्रेस में गईं भाजपा पार्षद
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले भाजपा समर्थित पार्षद संतोष कुमारी और शिखा कांग्रेस में शामिल हो गईं। निर्दलीय प्यार चंद और गुरध्यान ने भी कांग्रेस का पटका पहन लिया। यहां भाजपा समर्थित चार और तीन निर्दलीय विजयी हुए थे।
कुल्लू में भी बदला भाजपा समर्थितों ने पाला
उधर, कुल्लू नगर परिषद में भी भाजपा अतिआत्मविश्वास का शिकार होती प्रतीत हो रही है। 11 सदस्यीय नगर परिषद में भाजपा और कांग्रेस के तीन-तीन समर्थित सदस्य तथा पांच निर्दलीय विजयी हुए हैं। यहां भी भाजपा समर्थितों ने पाला बदल लिया। इससे भाजपा का गणित बिगड़ गया और यहां भी बाजी कांग्रेस के हाथ लगना तय है।
अब सरकाघाट पर नजर
जोगेंद्रनगर में भाजपा को चित करने के बाद अब कांग्रेस की नजर नगर परिषद सरकाघाट पर है। यहां भाजपा और कांग्रेस समर्थित तीन-तीन सदस्य जीतकर आए हैं। चर्चा है कि यहां भी कांग्रेस खेला करने की तैयारी में है। इस हार के बाद भाजपा कांग्रेस सरकार पर दबाव की राजनीति व सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है।