एनआरआई के नाम पर 2.26 करोड़ रुपये का फर्जी आयकर रिफंड लेने वाला मास्टरमाइंड कर्नाटक से गिरफ्तार, 13 करोड़ के लेनदेन का खुलासा

एनआरआई के नाम पर 2.26 करोड़ रुपये का फर्जी आयकर रिफंड लेने वाला मास्टरमाइंड कर्नाटक से गिरफ्तार, 13 करोड़ के लेनदेन का खुलासा

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Mastermind behind fraudulent income tax refund

एनआरआई के नाम पर 2.26 करोड़ का फर्जी इनकम टैक्स रिफंड लेने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड कर्नाटक से गिरफ्तार, आरोपी से जुड़े 9 बैंक खातों में करीब 13 करोड़ रुपये का लेनदेन मिला

आरोपी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक., 2025 में ईडी ने किया था गिरफ्तार, जमानत पर आकर लगातार ठिकानें बदल रहा था, आरोपी नारियल का व्यापारी, 8 मामलें पहले सें दर्ज,

आरोपी से एक लेपटॉप व एक मोबाइल फोन बरामद, आरोपी 8 दिन के पुलिस रिमांड पर, 1 आरोपी पहले से गिरफ्तार, यह मामला वर्ष 2024 में हुआ था दर्ज

पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के निर्देशानुसार साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और साइबर ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम थाना टीम ने एनआरआई के इनकम टैक्स ई-फाइलिंग अकाउंट से करोड़ों रुपये का रिफंड निकालने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य आरोपी दलीप बी.आर. उर्फ दलीप राजगोड़ा को कर्नाटक से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर 8 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर पूरे गिरोह, फर्जी बैंक खातों तथा ठगी की रकम के नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।


डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के अनुसार आरोपी के खिलाफ बेंगलुरु में इसी प्रकार के 8 मामले दर्ज हैं। जांच के दौरान आरोपी से जुड़े 9 बैंक खातों में करीब 13 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है। वर्ष 2025 में ईडी भी आरोपी को गिरफ्तार कर चुका था। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा था। आरोपी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक. है और पूछताछ में उसने स्वयं को नारियल का व्यापारी बताया है।

यह मामला पंचकूला निवासी एनआरआई की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता पिछले लगभग 50 वर्षों से यूनाइटेड किंगडम में रह रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2023-24 के लिए अपना आयकर रिटर्न विधिवत दाखिल किया था और उन्हें वैध रिफंड भी प्राप्त हो गया था। बाद में पता चला कि अज्ञात साइबर ठगों ने उनका ई-फाइलिंग अकाउंट हैक कर उसमें दर्ज ई-मेल, मोबाइल नंबर और बैंक विवरण बदल दिए तथा उनके नाम पर फर्जी संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल कर करीब 2.26 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आयकर रिफंड फर्जी बैंक खाते में ट्रांसफर करा लिया।

जांच के दौरान पुलिस भिन्न बैंकों और आयकर विभाग से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ीं। जांच में सामने आया कि फर्जी बैंक खातों के माध्यम से रकम अलग-अलग कंपनियों के खातों में भेजी गई, जहां से कमीशन काटकर मुख्य आरोपियों तक नकदी पहुंचाई जाती थी।

इस मामले में पहले ही आरोपी कन्हैया लाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। उसकी निशानदेही पर 5 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए थे। उसी आरोपी से मिली जानकारी और लगातार तकनीकी जांच के आधार पर साइबर थाना प्रभारी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में टीम ने अब गिरोह के दूसरे मुख्य आरोपी दलीप बी.आर. उर्फ दलीप राजगोड़ा को गिरफ्तार किया है। यह मामला वर्ष 2024 में दर्ज हुआ था।  मामलें की जांच सब इंस्पेक्टर भूप सिंह द्वारा की जा रही है। 

गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी बरामद हुआ है, जिन्हें जांच के लिए पुलिस ने कब्जे में लिया है। मामले में अभी अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। उनकी तलाश के लिए पुलिस विभिन्न राज्यों में लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही आरोपी की निशानदेही पर उन बैंकों की भी जांच की जाएगी जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाए गए थे।

पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने कहा है कि साइबर अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में पूरे नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों, आर्थिक लेनदेन और अन्य सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच जारी है।