मास्टर प्लान-2031: चंडीगढ़ के व्यापारियों और बूथ मालिकों को भी मिले व्यावहारिक राहत, भाजपा नेता कैलाश जैन ने प्रशासक को लिखा पत्र

मास्टर प्लान-2031: चंडीगढ़ के व्यापारियों और बूथ मालिकों को भी मिले व्यावहारिक राहत, भाजपा नेता कैलाश जैन ने प्रशासक को लिखा पत्र

Master Plan-2031: Chandigarhs Traders and Booth Owner

Master Plan-2031: Chandigarh's Traders and Booth Owner

चंडीगढ़। स्मार्टसिटी के मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों के बीच शहर के व्यापारियों, बूथ मालिकों और छोटे दुकानदारों के लिए भी व्यावहारिक राहत देने की मांग उठने लगी है।

उद्योग व्यापार मंडल (यूवीएम) चंडीगढ़ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश जैन ने पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र भेजकर व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष कदम उठाने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा मास्टर प्लान-2031 में वर्टिकल ग्रोथ, हाउसिंग और औद्योगिक क्षेत्रों को लेकर किए जा रहे संशोधन सराहनीय और दूरदर्शी हैं, लेकिन व्यापारियों को इससे बाहर रखना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि शहर के हजारों छोटे व्यापारी सीमित स्थान, बढ़ते किराये, पार्किंग संकट और सख्त भवन नियमों के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। कैलाश जैन ने मांग की कि व्यापारियों और बूथ मालिकों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्चस्तरीय विशेष समिति गठित की जाए, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापारिक संगठनों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए।

उन्होंने छोटे बूथों और दुकानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत दूसरी मंजिल बनाने की अनुमति देने की मांग भी उठाई, ताकि व्यापारी सीमित जगह का बेहतर उपयोग कर सकें। इसके अलावा बिल्डिंग बायलॉज और नीड बेस्ड चेंज नियमों में व्यवहारिक संशोधन, छोटे भवन उल्लंघनों के लिए एमनेस्टी एवं नियमितीकरण नीति लागू करने की भी मांग की गई।

पत्र में कॉर्नर बूथ धारकों का मुद्दा भी उठाया गया। उन्होंने कहा कि जिन व्यापारियों से अतिरिक्त साइड स्पेस का प्रीमियम लिया गया है, उन्हें साइड ओपनिंग, अतिरिक्त शटर या साइड एंट्री की अनुमति मिलनी चाहिए। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ बाजारों की कार्यक्षमता और सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।