शिलाई वृक्ष कटान मामला: "सत्ता के संरक्षण में हुआ 307 पेड़ों का कत्लेआम"—डॉ. राजीव बिंदल

शिलाई वृक्ष कटान मामला: "सत्ता के संरक्षण में हुआ 307 पेड़ों का कत्लेआम"—डॉ. राजीव बिंदल

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"Massacre of 307 Trees Took Place Under the Patronage of Power"

नाहन। "Massacre of 307 Trees Took Place Under the Patronage of Power"  जिला सिरमौर में शिलाई बाजार के समीप सैकड़ों चीड़ के पेड़ों के अवैध कटान मामले में प्रदेश सरकार दोषियों को बचा रही है। नाहन भाजपा कार्यालय दीप कमल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने यह आरोप लगाए। बिंदल ने कहा कि जिस प्रकार दिन-दहाड़े आरा मशीन लगाकर पेड़ों की कटाई की गई और उसके बाद भी प्रशासन लंबे समय तक कार्रवाई करने से बचता रहा, उससे स्पष्ट है कि इस पूरे मामले में सत्ता के संरक्षण की बू आ रही है।

डॉ. बिंदल ने कहा कि 5 मार्च दोपहर के समय आरा मशीन लगाकर चीड़ के पेड़ों का कटान किया गया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया में सामने आए। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने उसी दिन कोई कार्रवाई नहीं की।

25 की अनुमति काट दिए 307 

अगले दिन स्वयं कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर आकर यह स्वीकार किया कि उन्होंने पेड़ काटे हैं और यह भी कहा कि उनके पास 25 पेड़ों की अनुमति है और बाकी अनुमति प्रक्रिया में है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने तुरंत इस मुद्दे को उठाया और स्पष्ट किया कि दिन-दहाड़े इस प्रकार का अवैध कटान बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है। 

इसके बाद देर रात 6 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें लगभग 307 पेड़ों के कटान की बात कही गई और यह भी बताया गया कि अंधेरा होने के कारण पूरी गणना नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि हैरानी की बात है कि आज तक भी गणना उसी संख्या पर अटकी हुई है

कटान करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं

डॉ. बिंदल ने कहा कि स्थानीय विधायक एवं मंत्री ने बयान देकर इस मामले को भाजपा से जोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में भाजपा के लोग इसमें शामिल हैं तो सरकार तुरंत उन्हें गिरफ्तार करे और कानून के अनुसार कार्रवाई करे। लेकिन सच्चाई यह है कि जो लोग खुलेआम मीडिया में आकर कटान की बात स्वीकार कर रहे हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई। 

कैसे मिली अनुमति

डॉ राजीव बिंदल ने कहा कि 25 पेड़ों की अनुमति भी 25 फरवरी को समाप्त हो चुकी थी, इसके बावजूद बड़े पैमाने पर पेड़ों का कटान किया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सामान्य लोगों को दो-तीन पेड़ों की अनुमति पाने में महीनों लग जाते हैं, तो आखिर 25 पेड़ों की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या इसमें संबंधित अधिकारियों की भूमिका नहीं बनती?

प्रशासनिक कार्यालयों में 500 मीटर की दूरी पर कटान

डॉ. बिंदल ने कहा कि जिस स्थान पर यह कटान हुआ वह एसडीएम कार्यालय, पुलिस थाना और फॉरेस्ट रेंज कार्यालय से मात्र 500 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद किसी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना या समय पर कार्रवाई न करना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मुद्दे को उठाया, तभी आनन-फानन में दो छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि केवल छोटे कर्मचारियों को निलंबित कर देना पर्याप्त नहीं है। इस मामले में जिन अधिकारियों ने अनुमति दी और जिन्होंने समय रहते कार्रवाई नहीं की, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

सख्त कार्रवाई न की तो होगा आंदोलन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यदि इस मामले में सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जिस प्रकार वन माफिया सक्रिय हो रहा है, उससे स्पष्ट है कि कहीं न कहीं सरकार की शह उन्हें मिल रही है। इस अवसर पर पांवटा साहिब के विधायक सुखराम चौधरी, पच्छाद की विधायक रीना कश्यप व शिलाई के पूर्व विधायक बलदेव तोमर भी उपस्थित रहे है।

सिरमौर जिला के साथ सौतेला व्यवहार कर रही सरकार

डॉ. बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। डॉ. बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिले के साथ भी प्रदेश सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है।