झांसी: 'सात फेरे' और सरकारी सहायता मिलते ही दुल्हन फरार; प्रेमी संग रचाई दूसरी शादी, इंसाफ मांग रहा दूल्हा
Marries Lover in Second Ceremony—Groom Demands Justice
Jhansi News: Marries Lover in Second Ceremony—Groom Demands Justice, उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग और रिश्तों के धोखे की एक नई कहानी लिख दी है। जहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन में 7 फेरे लेने वाली एक दुल्हन, सरकारी सहायता राशि मिलते ही अपने दूल्हे को छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई। अब बेबस दूल्हा शादी का सर्टिफिकेट हाथ में लिए इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित युवक बबीना का रहने वाला है और एक साइबर कैफे चलाता है। उसकी शादी सीपरी बाजार की रहने वाली एक युवती से तय हुई थी। लड़की पक्ष की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से 19 फरवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन में शादी करने का फैसला किया। 19 फरवरी को धूमधाम से शादी हुई, मैरिज सर्टिफिकेट मिला और सरकारी नियम के अनुसार सहायता राशि भी खाते में आ गई। दोनों परिवारों ने तय किया था कि 25 अप्रैल को रिसेप्शन और विदाई की रस्म होगी। लेकिन रिसेप्शन की तारीख आने से पहले ही दुल्हन अपने प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई।
सरकारी सहायता मिली और रिश्ता खत्म!
दूल्हे का आरोप है कि जैसे ही सरकार की ओर से मिलने वाली करीब 60 हजार रुपए की सहायता राशि का इंतजाम हुआ, दुल्हन ने अपना रंग बदल लिया। वह अपने पुराने प्रेमी के साथ फरार हो गई। जब काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिली, तो सीपरी बाजार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
दुल्हन ने कर ली दूसरी शादी
मसीहागंज चौकी पुलिस ने जब मामले की जांच की और लड़की से संपर्क साधा, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। दुल्हन ने पुलिस को साफ बता दिया कि उसने मध्य प्रदेश के भांडेर निवासी अपने प्रेमी के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। उसने अपने पहले पति (दूल्हे) के पास वापस आने से साफ मना कर दिया है और अपने प्रेमी के साथ ही रहने की जिद पर अड़ी है।
अब मुझे उस पर भरोसा नहीं' — टूट गया दूल्हा
हाथ में शादी की फोटो और सर्टिफिकेट लिए घूम रहे दूल्हे का कहना है कि अब उसे अपनी पत्नी पर कोई भरोसा नहीं बचा है। पीड़ित ने समाज कल्याण विभाग और पुलिस से अपील की है कि वह अब इस रिश्ते से आजाद होना चाहता है। उसका कहना है कि अगर वह वापस भी आती है, तो भी वह उसे स्वीकार नहीं करेगा, बस वह एक बार सामने आकर सच कबूल कर ले।