चमोली में पोक्सो अदालत का बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद; ₹20,000 जुर्माना

चमोली में पोक्सो अदालत का बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद; ₹20,000 जुर्माना

Major Verdict by POCSO Court in Chamoli

Major Verdict by POCSO Court in Chamoli

गोपेश्वर (चमोली)। किशोरी के साथ दुष्कर्म और उसे गर्भवती करने के दोषी बलवीर लाल को विशेष सत्र न्यायाधीश चमोली बिन्ध्याचल सिंह की अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 

साथ ही उस पर 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। वहीं मामले में सह आरोपित और दोषी की बेटी पूनम को साक्ष्यों के आभाव में बरी कर दिया।

अदालत ने विशेष लोक अभियोजक पोक्सो सुधीर सिंह ने बताया कि 15 अक्टूबर 2023 को पीड़िता के पिता ने पुलिस थाना नंदानगर घाट में इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था।

इसमें उन्होंने बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी एक दिन गायों के साथ जंगल गई थी। वहीं उसे अकेला पाकर गांव के ही बलवीर लाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

साथ ही धमकी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा। घटना के दो दिन बाद बलवीर लाल ने पुनः पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।

उस समय पीड़िता ने बलवीर लाल के डर के कारण उक्त घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया।

पीड़िता जब आठ माह की गर्भवती हुई तो पीड़िता के घरवालों को घटना के बारे में पता चला। इसके बाद बलवीर लाल के कहने पर उसकी बेटी पूनम पीड़िता को श्रीनगर अस्पताल ले गई और वहां पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया।

वहीं पीड़िता के स्वजन ने पुलिस को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने बलवीर लाल और पूनम के विरुद्ध थाना नंदानगर घाट में भारतीय दंड संहिता एवं पोक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

इसके बाद जांच अधिकारी पूनम खत्री ने दोनों को गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए।

मंगलवार को अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद बलबीर लाल को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। वहीं सह आरोपित पूनम को साक्ष्यों के आभाव में बरी कर दिया।