हिमाचल हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: सोलन में 'अवैध निर्माण' पर मुख्य सचिव की राहत पर लगी रोक, निगम के आदेश बहाल
Major Verdict by Himachal High Court
शिमला। Major Verdict by Himachal High Court, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सोलन नगर निगम के तहत अवैध निर्माण को तोड़ने के निर्णय को रद करने के मुख्य सचिव के आदेश पर रोक लगा दी है। नगर निगम सोलन ने अवैध निर्माण तोड़ने के आदेश दिए थे, जिसे मुख्य सचिव ने टीसीपी के अतिरिक्त मुख्य सचिव के तौर पर अपीलीय प्राधिकारी पाते हुए 24 फरवरी 2026 को रद कर दिया था।
नगर निगम सोलन ने मुख्य सचिव के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने नगर निगम कमिश्नर सोलन के अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेशों को रद कर दिया था।
हाई कोर्ट ने चार सप्ताह में मांगा जवाब
न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ ने मुख्य सचिव सहित डीसी व एसडीएम सोलन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
जवाहर पार्क में निर्माण से जुड़ा विवाद
यह विवाद सोलन के जवाहर पार्क में स्थित जमीन पर निर्माण से जुड़ा है। अपीलकर्ताओं ने मुख्य सचिव के पास तर्क दिया था कि वे स्वीकृत नक्शे के अनुसार व्यवसायिक भवन बना रहे हैं, लेकिन नगर निगम सोलन ने उन्हें अतिक्रमण का आरोप लगाकर तोड़ने के आदेश दे दिए। साथ ही जमीन की पैमाइश को भी गलत और नियमों के खिलाफ बताया गया था।
नगर निगम कमिश्नर ने निर्माण तोड़ने का दिया था आदेश
नगर निगम सोलन कमिश्नर ने 28 मार्च 2024 को निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था। आरोप है कि कथित अवैध निर्माण खसरा नंबर 127/128 पर अतिक्रमण कर किया गया है।