हिमाचल शिक्षा विभाग में बड़ी हलचल: 779 नवनियुक्त प्रधानाचार्यों को जल्द मिलेगी कमान
Major stir in Himachal Education Department
शिमला। Major stir in Himachal Education Department, हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने 779 स्कूल प्रधानाचार्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो कि पदोन्नति आदेश के ढाई माह बाद हो रही है। इस संबंध में फाइल सचिवालय स्तर पर मूवमेंट में है और इसे अंतिम मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे।
पिछले वर्ष 30 दिसंबर को सरकार ने 267 स्कूल प्रवक्ताओं और 512 मुख्य अध्यापकों को पदोन्नत कर प्रधानाचार्य बनाया था। हालांकि, इन प्रधानाचार्यों को अभी तक प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है और वे अभी स्कूलों में पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। इस बीच, कई प्रधानाचार्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे सरकार अब उनके नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया में है।
नए स्थानों पर ज्वाइनिंग में मिल सकती है छूट
सूत्रों के अनुसार, इन प्रधानाचार्यों के नियुक्ति आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे। वर्तमान में 10वीं और 12वीं बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए इन्हें नए स्थानों पर ज्वाइनिंग देने के लिए छूट दी जा सकती है। इसका मतलब है कि बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद वे नए स्थानों पर ज्वाइन कर सकते हैं।
पहली अप्रैल से व्यापक स्तर पर होगा बदलाव
शिक्षा विभाग में 31 मार्च तक तबादलों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। पहली अप्रैल से विभाग में व्यापक स्तर पर बदलाव होने की संभावना है, जिसमें 145 सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की नियुक्ति शामिल है। हालांकि, तबादलों पर लगे प्रतिबंध के बारे में स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। यदि नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही तबादलों पर प्रतिबंध हटता है, तो विभाग में 15 से 16 हजार शिक्षकों के तबादले एक साथ हो सकते हैं।
वेतन के लिए की थी वैकल्पिक व्यवस्था
पदोन्नति के बाद इन प्रधानाचार्यों के वेतन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, जो किसी भी रिक्त प्रधानाचार्य के पद से जारी किया जा रहा है। विभाग का तर्क है कि इस निर्णय से स्कूलों में प्रशासनिक स्थिरता आएगी और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
पसंद के स्कूल में नियुक्ति के लिए प्रयास
प्रधानाचार्य अपनी पसंद के स्कूल में नियुक्ति के लिए प्रयासरत हैं। शिक्षकों के डीओ नोट सचिवालय पहुंच चुके हैं, जहां संबंधित शाखा हर पहलू की जांच कर रही है कि कहीं कोई पद रिक्त न हो जाए।