देहरादून में STF की बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आरोपी गिरफ्तार
Major STF Operation in Dehradun
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक युवक को पाकिस्तान स्थित एक आतंकवादी के इशारे पर काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप के रूप में हुई है, जिसे प्रेमनगर इलाके से पकड़ा गया।
**रक्षा प्रतिष्ठानों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गईं**
Major STF Operation in Dehradun, STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह के अनुसार, विक्रांत कश्यप पर देहरादून में स्थित सरकारी और रक्षा प्रतिष्ठानों के स्थान और तस्वीरें पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) को भेजने का आरोप है। शुरुआती जाँच में पता चला है कि वह शहजाद भट्टी के संपर्क में था—जो इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) से जुड़ा एक पाकिस्तानी आतंकवादी और एजेंट है।
**.32 बोर की पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस बरामद**
खुफिया जानकारी के आधार पर, STF और स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के लिए एक संयुक्त अभियान चलाया। तलाशी के दौरान, उसके पास से .32 बोर की एक पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस और स्प्रे पेंट का एक कैन बरामद किया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए अपने आकाओं के संपर्क में रहता था।
**सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला?**
पूछताछ के दौरान, आरोपी ने खुलासा किया कि वह दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला का प्रशंसक था और उसने उनकी हत्या का बदला लेने के इरादे से संपर्क स्थापित किया था। मूसेवाला की 2022 में पंजाब के मानसा जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
**देहरादून पुलिस मुख्यालय के वीडियो पाकिस्तान भेजे गए**
जाँच में यह भी पता चला कि आरोपी ने देहरादून पुलिस मुख्यालय, ISBT (इंटर-स्टेट बस टर्मिनस) और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेजे थे। इसके अलावा, उसे इन स्थानों पर बम लगाने और 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)' के नाम पर दीवारों पर नारे लिखने के निर्देश दिए गए थे।
**मोबाइल फोन से अहम जानकारी मिली**
SSP के अनुसार, आरोपी वर्ष 2024-25 के दौरान पंजाब के नाभा में रहा था। उसके आकाओं ने उसे नेपाल के रास्ते दुबई भेजने के झूठे वादे का लालच भी दिया था। आरोपी के मोबाइल फ़ोन से कई संवेदनशील जानकारियाँ बरामद की गई हैं, जिनकी फ़िलहाल जाँच की जा रही है।
वर्तमान में, सुरक्षा एजेंसियाँ इस पूरे मामले की गहन जाँच कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।