विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मातृत्व अवकाश के बाद एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में मिली एंट्री

विनेश फोगाट को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, मातृत्व अवकाश के बाद एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में मिली एंट्री

Delhi High Court on Vinesh Phogat

Delhi High Court on Vinesh Phogat

Delhi High Court on Vinesh Phogat: महिला पहलवान विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) की फटकार लगाई है. कोर्ट ने विनेश फोगाट एशियाई खेलों के ट्रायल्स में भाग लेने की दी अनुमति देते हुए कहा कि भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय ओलंपिक संघ के दो स्वतंत्र पर्यवेक्षक की मौजूदगी में ट्रायल की वीडियोग्राफी भी की जाएगी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, खेल और न्याय के हित में विनेश फोगाट को एशियाई खेलों के ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति देना जरूरी है. कोर्ट ने ये भी कहा कि डब्ल्यूएफआई की चयन नीति भेदभावपूर्ण है क्योंकि इसमें मातृत्व अवकाश से वापसी कर रही फोगाट जैसी प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के नाम पर विचार नहीं किया जा रहा है.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ये भी कहा कि एशियाई खेलों के चयन ट्रायल की WFI द्वारा वीडियोग्राफी की जाएगी जिसमें भारतीय खेल प्राधिकरण और भारतीय ओलंपिक संघ के दो स्वतंत्र पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे.

कोर्ट ने WFI की लगाई फटकार

इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को फटकार लगाई थी. चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि WFI ने पहले की उस परंपरा को तोड़ दिया है, जिसके तहत मशहूर खिलाड़ियों को टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाती थी.

बता दें कि कोर्ट विनेश फोगाट की उस अपील पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने 18 मई को एक सिंगल-जज द्वारा दिए गए आदेश को चुनौती दी थी. उस आदेश में कोर्ट ने फोगाट को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया था. फोगाट ने मांग की थी कि WFI द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद, उन्हें इस साल के एशियन गेम्स के लिए 30-31 मई को होने वाले सिलेक्शन ट्रायल में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए.

फोगाट के विकील ने क्या कहा?

फोगाट के सीनियर वकील ने बेंच से गुजारिश की कि उन्हें ट्रायल में हिस्सा लेने का मौका दिया जाए. वकील ने दलील दी कि 9 मई को फोगाट को एक 'कारण बताओ नोटिस' (show-cause notice) जारी किया गया था. यह नोटिस गोंडा में होने वाले एक घरेलू टूर्नामेंट में उनके हिस्सा लेने से ठीक एक दिन पहले जारी किया गया था. वकील ने कहा कि इस नोटिस से साफ ज़ाहिर होता है कि कोई उन्हें बाहर निकालने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहा है.

कोर्ट ने इस 'कारण बताओ नोटिस' पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की. कोर्ट ने कहा कि पेरिस ओलंपिक्स में फोगाट का बाहर होना पूरे देश के लिए शर्म की बात थी. कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर यह क्यों न मान लिया जाए कि WFI ने जान-बूझकर फोगाट को बाहर करने के लिए सिलेक्शन के नियमों में बदलाव किया है.