शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: ग्रेच्युटी सीमा 25 लाख रुपये तक बढ़ी
Major Relief for Teachers and Employees
लखनऊ। Major Relief for Teachers and Employees, बेसिक शिक्षा परिषद और अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की अब सेवानिवृत्ति या मृत्यु की स्थिति में मिलने वाली ग्रेच्युटी (उपादान) की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है। यह लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका महंगाई भत्ता मूल वेतन का 50 प्रतिशत हो चुका है और जिन्होंने 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है।
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर शुक्रवार को जारी शासनादेश के अनुसार, यह व्यवस्था एक जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी। यानी इस तिथि या इसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक और कर्मचारी इस बढ़ी हुई सीमा का लाभ ले सकेंगे। पहले 23 अगस्त 2017 के आदेश के तहत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये तय थी, जो वेतन समिति-2016 की सिफारिशों के आधार पर लागू की गई थी।
अब वित्त विभाग के दो जुलाई 2024 और 23 दिसंबर 2016 के प्रविधानों के अनुरूप इसमें संशोधन किया गया है। नए आदेश के तहत ग्रेच्युटी की सीमा में 25 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए इसे अधिकतम 25 लाख रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय अधिक आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।