Major Relief for Construction Workers
BREAKING
चंडीगढ़ पुलिस की गाड़ी का एक्सिडेंट, फिर हथियार छीन भागे शूटर; IG ने बताया- स्टाफ पर फायरिंग की, चेतावनी देने पर भी नहीं रुके चंडीगढ़ में कैशियर मर्डर के आरोपी शूटरों का एनकाउंटर; जम्मू-कश्मीर से पकड़कर ला रही थी पुलिस, धनास के पास भागने की कोशिश की यूपी के बुनकरों को मिलेंगी आधुनिक तकनीक वाली मशीनें: मंत्री राकेश सचान का निर्देश—'लापरवाही बर्दाश्त नहीं, ग्लोबल ब्रांड बनेंगे हमारे उत्पाद' Uttarakhand Judicial Transfers: उत्तराखंड न्यायपालिका में बड़ा फेरबदल, कई जजों के तबादले, दूरदराज क्षेत्रों में लगेंगे कैंप कोर्ट Chandigarh News: सेक्टर-11 फायरिंग के बाद अवैध PG और हॉस्टलों पर कार्रवाई की मांग, अजय जग्गा ने प्रशासक को लिखा पत्र

हरियाणा में भवन निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी राहत, एक साल बाद फिर शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन पोर्टल

undefined

Major Relief for Construction Workers

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लाखों भवन निर्माण श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए करीब एक वर्ष से बंद पड़े श्रमिक रजिस्ट्रेशन पोर्टल को दोबारा शुरू कर दिया है। अब श्रमिकों का पंजीकरण और नवीनीकरण नए नियमों तथा कड़े सत्यापन मानकों के तहत किया जाएगा।

श्रम विभाग ने पिछले वर्ष जून में कार्य पर्चियों (वर्क स्लिप) की जांच के लिए पोर्टल को बंद कर दिया था। पोर्टल बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में श्रमिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह गए थे। लंबे समय से श्रमिक संगठन और लाभार्थी पोर्टल को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, लगभग एक वर्ष तक चली जांच के दौरान बड़ी संख्या में फर्जी और अपात्र पंजीकरण सामने आए हैं। जांच पूरी होने के बाद केवल पात्र श्रमिकों के पंजीकरण को मान्य माना गया है। विभाग की ओर से ऐसे श्रमिकों को सूचना संदेश भी भेजे गए हैं।

जांच के दौरान प्रदेशभर में लाखों श्रमिकों के पंजीकरण निरस्त किए गए हैं। अब केवल पात्र और सत्यापित श्रमिक ही विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

नए नियमों के तहत मनरेगा में पंजीकृत श्रमिक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक योजना के तहत पंजीकरण नहीं करा सकेंगे। वहीं पात्र श्रमिक या नए आवेदक सरपंच द्वारा जारी प्रमाण-पत्र और नियोक्ता के सत्यापन के आधार पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।

गौरतलब है कि श्रम विभाग में सामने आए करीब 1,500 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के बाद पोर्टल को बंद कर दिया गया था। आरोप थे कि फर्जी लाभार्थियों के नाम पर बड़ी मात्रा में सरकारी राशि निकाली गई थी। इसके बाद विभाग ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की और पंजीकरण प्रक्रिया को रोक दिया गया था।

जांच लंबी चलने के कारण वास्तविक श्रमिकों को भी विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब पोर्टल दोबारा शुरू होने से पात्र श्रमिकों को शिक्षा सहायता, विवाह सहायता, मातृत्व लाभ, चिकित्सा सहायता, पेंशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता फिर से खुल गया है।

श्रम विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और केवल वास्तविक जरूरतमंद श्रमिकों तक सरकारी लाभ पहुंचाना है। इसके लिए सत्यापन प्रक्रिया को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है।