लखनऊ ATS की बड़ी कार्रवाई: चार संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, कई राज्यों में हमलों की साजिश नाकाम
Major Operation by Lucknow ATS
उत्तर प्रदेश के साथ ही अन्य राज्यों में आगजनी और नरसंहार की थी योजना
लखनऊ की एटीएस/एनआईए कोर्ट में हुई सुनवाई
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजते थे भारत के महत्वपूर्ण संस्थानों की जानकारी
लखनऊ। Major Operation by Lucknow ATS, उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के अन्य राज्यों में आगजनी की बड़ी घटनाओं और बड़ी जनहानि की योजना बना चुके चार खतरनाक आतंकियों से उत्तर प्रदेश एटीएस बड़े राज उगलवाने की तैयारी में है। यूपी एटीएस ने चार आतंकियों को शुक्रवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया था और शनिवार को इनकी रिमांड भी मिल गई है।
लखनऊ में शनिवार को चार आतंकियों को विशेष न्यायाधीश एटीएस/एनआईए ने पांच दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। इनकी कस्टडी रिमांड पांच अप्रैल को सुबह 10 बजे से नौ अप्रैल को शाम छह बजे तक रहेगी। इसके बाद इनकों कस्टडी में लेकर पूछताछ की जाएगी।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने लखनऊ के रेलवे स्टेशन से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। चारों लखनऊ, अलीगढ़ व गौतमबुद्ध नगर में विस्फोट और सामूहिक नरसंहार कर दहशत फैलाने की फिराक में थे।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाले चारों आतंकियों ने कई रेलवे सिग्नल बाक्सों, प्रमुख नेताओं व संस्थानों की रेकी कर संबंधित जानकारी आईएसआई को भेजी थी। आतंकियों के मोबाइल से कई वीडियो व ग्रुप काल रिकार्डिंग का भी पता चला है।
एटीएस ने शुक्रवार को लखनऊ के रेलवे स्टेशन के पास से 25 वर्षीय शाकिब उर्फ डेविल पुत्र शकील अहमद, निवासी-गांव अगवानपुर, परीक्षित गढ़ मेरठ, 20 वर्षीय अरबाब पुत्र रहीशुद्दीन, निवासी-गांव अगवानपुर, परीक्षित गढ़ मेरठ, 27 वर्षीय विकास गहलावत उर्फ रौनक, पुत्र रवीन्द्र, गली नंबर-2, राम विहार छपरौला, गौतमबुद्ध नगर और 19 वर्षीय लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू, पुत्र रोहताश शर्मा, निवासी 12 राम विहार कालोनी -01, गौतम बुद्ध नगर को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक केन ज्वलनशील पदार्थ, 24 पम्फलेट, सात स्मार्ट फोन व आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
आतंकियों के इस गिरोह का सरगना शाकिब मेरठ में नाई का काम करता है। शाकिब इंस्टाग्राम सहित इंटरनेट मीडिया के कई प्लेटफार्म के जरिए आइएसआइ को प्रमुख नेताओं, संस्थानों व रेलवे सिग्नल बाक्स की फोटो और उससे संबंधित जानकारियां भेजता था। इस गिरोह ने पिछले कुछ समय में कई स्थानों पर आग लगाकर दहशत फैलाई थी। एके-47 रायफल के साथ अन्य सदस्यों से वीडियो काल के माध्यम से बात करता था। चारों आतंकियों के इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों की जांच के बाद पता चला कि इनके पास एके-47 राइफल भी है।
आईएसआई के हैंडलरों से मिला था लक्ष्य
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के हैंडलरों से इन्हें ओसामा बिन लादेन, फारुतुल्ला घोरी, कश्मीर मुजाहिद्दीन व गजवा ए हिंद से संबंधित आतंकी संगठनों के लिए काम करने का लक्ष्य दिया गया था।
आग लगाने के बाद यह गिरोह उसकी वीडियो व फोटो अपने हैंडलरों को भेजता था, इसके बदले इन्हें क्यूआर कोड के माध्यम से राशि भेजी जाती थी।
आतंकियों का यह गिरोह गैस सिलेंडरों के ट्रकों में आग लगाकर विस्फोट करने और कई शहरों में रेलवे सिग्नल बाक्स में गड़बड़ी करके बड़ी ट्रेन दुर्घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। चारों आतंकी सामूहिक नरसंहार की भी तैयारी कर रहे थे।