कानपुर में फर्जी डिग्री रैकेट का बड़ा खुलासा

कानपुर में फर्जी डिग्री रैकेट का बड़ा खुलासा

Major Exposure of Fake

Major Exposure of Fake

कानपुर। नौ राज्यों के 14 नामी विश्वविद्यालय से मार्कशीट-डिग्रिया बनाकर बेचने के मामले में विशेष जांच दल (एसआइटी) को अब मणिपुर के एशियन विश्वविद्यालय की 284 डिग्रियां फर्जी मिली हैं। जबकि इससे पहले अन्य कई विश्वविद्यालयों की 142 डिग्री फर्जी निकली और 40 सही मिली थी।

वहीं, एसआसइटी की जांच में इस गिरोह के बिचौलियों से जुड़े एनसीआर के निजी विश्वविद्यालयों के तीन पूर्व कर्मचारी भी रडार पर हैं, जिनकी कुंडली खंगाली जा रही है। वहीं, एसआइटी ने सरगना शैलेंद्र कुमार ओझा के साथी विनीत कुमार उर्फ वीके को 11 मार्च को नोएडा से गिरफ्तार 12 मार्च को जेल भेजा था। गिरोह के अन्य साथियों की तलाश में टीम लगी है।

किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी काे फर्जी मार्कशीट बनाकर बेचने वाले गिरोह के सरगना रायबरेली के शैलेंद्र कुमार, कौशांबी के नागेंद्रमणि त्रिपाठी, गाजियाबाद के जाेगेंद्र व शुक्लागंज के अश्वनी कुमार को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के पास से 1030 डिग्रियां-मार्कशीट बरामद हुई।

गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश,अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, झारखंड, मणिपुर, सिक्किम राज्य के 14 विश्वविद्यालय व माध्यमिक शिक्षा परिषद से फर्जी डिग्री व मार्कशीट बनाते थे।

अपर पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय संकल्प शर्मा ने बताया कि एसआइटी को बरामद मार्कशीट-डिग्रियों में अब तक 466 के सत्यापन करा चुकी है। इसमें सिर्फ 40 ही सही बताई गईं।

आरोपितों का गिरोह लोगों को आनलाइन मार्कशीट-डिग्रियां उनके नाम से दिखाने के लिए फर्जी वेबसाइड भी बनाते थे। इसीलिए लोग उनके जाल में आसानी से फंसकर उन्हें रुपये देते थे।