पाकिस्तान से संचालित 'अनुषी तिवारी' एक्स अकाउंट का बड़ा पर्दाफाश: नोएडा के बाद अब मेरठ में 'टूलकिट' के जरिए दंगा भड़काने की बड़ी साजिश
Major expose of Pakistan-based 'Anushi Tiwari' ex-account
नोएडा। पाकिस्तान से बने अनुषी तिवारी प्राउड इंडियन एक्स अकाउंट से फर्जी पोस्ट कर नोएडा के बाद अब पश्चिमी यूपी में माहौल खराब करने की बड़ी साजिश रची जा रही है। जांच एजेंसी और नोएडा पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि नोएडा में 13 अप्रैल को हिंसा के दौरान झूठे पोस्ट किए गए थे। वैसे ही मिलते-झुलते अनुषी तिवारी के एक्स अकाउंट से मेरठ में भी 10 मई को झूठे पोस्ट हुए। अकाउंट अभी संचालित हो रहा है। हालांकि नोएडा पुलिस ने उस अकाउंट को ब्लाक करा दिया था।
छद्म नामों से ऑपरेट कर रहे अकाउंट
अनुषी तिवारी प्राउड इंडियन और मीर इलयास नाम के एक्स अकाउंट से 13 अप्रैल को नोएडा श्रमिक प्रदर्शन के दौरान 99 लोग घायल और 20 की मौत होने के दो झूठे पोस्ट किए गए थे। अनुषी तिवारी वाले अकाउंट प्राउड इंडियन नवी और मीर इलयाज में मीर इलयाज इंक नाम के आईडी का प्रयाेग किया था। मेरठ मामले में अकाउंट का नाम अनुषी तिवारी प्राउड इंडियन है, लेकिन इसमें प्रयोग आईडी प्राउड इंडियन एनए है। केवल शब्दों का हेरफेर कर फर्जी अकाउंट का संचालन हो रहा है।

वीडियो को 3.7 लाख लोगों ने देखा
नोएडा पुलिस की जांच में दोनों अकाउंट के पाकिस्तान के पंजाब के झेलम शहर से संचालित होने की बात उजागर हो चुकी है। मेरठ पुलिस का मानना है कि यह अकाउंट सितंबर में पाकिस्तान से बना था। एक्स पर देखे तो प्राउड इंडियन नवी नाम की आईडी से बना 2017 का अविनाश सिंह का भी अकाउंट है। इसमें अंतिम पोस्ट 2023 में मणिपुर की हिंसा को लेकर हुआ था। वीडियो को 3.7 लाख लोगों ने देखा था।
क्रांति वाली तिथि को हुआ झूठा पोस्ट
10 मई को अनुषी तिवारी के एक्स अकाउंट से सीएम योगी निशाना बनाते हुए मेरठ में छह मस्जिद ध्वस्त करने व मुस्लिमों के 52 घर को जलाने संबंधी पोस्ट हुई। जांच में मामला फर्जी निकलने पर मेरठ साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज हुआ। 10 मई को पोस्ट करने के पीछे मेरठ से शुरू हुई 1857 की क्रांति से जोड़कर देखा जा रहा है।

पाकिस्तान पीआईओ की महिलाएं बनाती हैं फर्जी आईडी
जनवरी 2021 हापुड़ के बिहूनी गांव के रहने वाले पूर्व सैनिक को यूपी एटीएस ने पकड़ा था। अनुष्का चौपड़ा की फर्जी आईडी के हनी ट्रैप में फंसने की बात सामने आइ थी। उस दौरान यह भी पता चला था कि पाकिस्तान इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (पीआईओ) की महिलाएं फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर सैनिकों को प्रेमजाल में फंसाती हैं। उनसे सेना की गोपनीय जानकारी प्राप्त करती हैं। संभावना है कि वहीं गिरोह अनुषी तिवारी नाम से अकाउंट संचालित कर रहा हो।
कृत्रिम गुस्सा भड़काने का प्रयास
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी का कहना है कि इंटरनेट मीडिया पर झूठे फोटो व वीडियो डालकर कृत्रिम गुस्सा भड़काने का प्रयास हो रहा है। फिर बात नोएडा या मेरठ को लेकर झूठे पोस्ट करने की हो। नोएडा की हिंसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर शहरी अशांति काे प्रभावित करने का असफल प्रयास था।
अस्थिरता फैलाने के मकसद से काम कर रहे असामाजिक तत्व जानते हैं कि कैसे सामान्य घटना के दौरान झूठे फोटो व वीडियो डालकर लोगों के गुस्से को हथियार बनाया जाए। फिर भीड़ की आड़ में अपने मकसद को पूरा किया जाए।