हिमाचल नगर निगम चुनाव परिणाम: कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा को प्रचंड बढ़त

हिमाचल नगर निगम चुनाव परिणाम: कांग्रेस को बड़ा झटका, भाजपा को प्रचंड बढ़त

Major Blow to Congress

Himachal Municipal Corporation Election Results

 शिमला। Himachal Municipal Corporation Election Results, नगर निगम चुनाव के नतीजे आ गए हैं। साढ़े तीन सालों से प्रदेश की सत्ता में काबिज कांग्रेस के लिए नतीजे सुखद नहीं रहे हैं। धर्मशाला, मंडी व सोलन में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है, दूसरी तरफ विपक्षी दल भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है।

पार्टी चुनाव चिन्ह पर हुए इन चुनावों के नतीजे बताते हैं कि तीन नगर निगमों में सत्ता विरोधी लहर देखने को मिली। पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस की लाज बच पाई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का प्रचार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार की मजबूत रणनीति व मंत्रियों का प्रचार भी अपना जलवा नहीं दिखा पाया।

प्रदेश की सत्ता पर साढ़े तीन साल से काबिज कांग्रेस के लिए इस हार को बड़ा झटका माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। प्रदेश की सत्ता का रास्ता नगर निगम व पंचायत से होकर ही गुजरता है।

कांग्रेस का कहना है कि हार के कारणों का पता लगाने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई जाएगी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कारण ढूंढने से ज्यादा उस पर अमल करना जरूरी रहता है। जो वायदे जनता से किए थे उसमें से कितने पूरे हुए, सत्ता विरोधी रुझान को दूर करने के लिए अभी से काम शुरू हो तो इसके फायदे मिल सकते हैं।

सोलन की हार के सियासी मायने ज्यादा

शिमला संसदीय क्षेत्र के तहत पड़ने वाले नगर निगम चुनावों में कांग्रेस की हार के कई सियासी मायनें है। शिमला संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, सहित पांच मंत्री संबद्ध रखते हैं। बोर्ड निगमों में अध्यक्ष उपाध्यक्ष सहित मुख्यमंत्री कार्यालय में भी इस संसदीय क्षेत्र से कई नेताओं को कुर्सी मिली है। स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल का यह गृह क्षेत्र हैं।

उन्हें पार्टी ने चुनावों के लिए वरिष्ठ पर्यवेक्षक लगाया था। इसके अलावा उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और पंचायती राज मंत्री अनिरूद्ध सिंह जैसे दिग्गज नेताओं को इंचार्ज बनाकर नगर निगम चुनाव में जीत दिलाने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन वे भी अपना जलवा नहीं दिखा पाए।

बीच चुनाव में बाली ने छोड़ी थी जिम्मेदारी

धर्मशाला नगर निगम में मंत्री चौधरी चंद्र कुमार को वरिष्ठ पर्यवेक्षक और विधायक रघुबीर सिंह बाली को प्रभारी बनाया गया है। सांसद अनुराग शर्मा और पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी को सह प्रभारी थे। 8 मई को आरएस बाली ने प्रभारी की जिम्मेदारी छोड़ी थी।

उन्होंने परिवार में अचानक उत्पन्न हुई स्वास्थ्य परिस्थिति का तर्क देते हुए पार्टी से उनके स्थान पर किसी अन्य को जिम्मा सौंपने का आग्रह किया था। जिसके बाद पार्टी ने विप्लव ठाकुर को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके इस तरह से जिम्मेदारी छोड़ना राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बना था।

मुकेश व विक्रमादित्य का नहीं चला मंडी में जादू

मंडी की हार भी कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है। विधानसभा व लोकसभा में भी कांग्रेस यहां से बूरी तरह हार चुकी है। अब नगर निगम चुनावों में भी मुंह की खानी पड़ी है। मंडी नगर निगम चुनावों के लिए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को वरिष्ठ पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। उनके साथ मंत्री विक्रमादित्य सिंह और रोहित ठाकुर को प्रभारी बनाया गया है। उनका भी जादू यहां नहीं चल सका।

आशीष पर बरसा स्नेह, पार्टी की बची साख

पालमपुर में मंत्री राजेश धर्माणी, यादविंदर गोमा और विधायक आशीष बुटेल संयुक्त रूप से चुनावी कमान सौंपी गई थी। कांग्रेस ने तीन जोनों में बांटकर अलग-अलग विधायकों को जिम्मेदारी सौंपी थी। आशीष बुटेल यहां से विधायक है उनकी ठोस रणनीति काम आई। इस जीत ने न केवल कांग्रेस की लाज बची है।

प्रत्याशी चयन में पिछड़ी थी कांग्रेस

कांग्रेस पार्टी ने निगम चुनावों के लिए टिकट आबंटन के लिए भी आवेदन मांगे थे। टिकट आबंटन को लेकर बैठक में विवाद उपजा। संगठन ने टिकट आबंटन में बहुत देरी की। कई टिकट तो नामांकन से एक दिन पहले ही दिए गए। जबकि दूसरे दलों की ओर से नामांकन भी किया जा चुका था। यह भी एक वजह थी कि कांग्रेस का चेहरा ही क्लीयर नहीं था कि कौन प्रत्याशी होगा।

अध्यक्ष बनने के बाद पहला ही चुनाव हारे विनय

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद विनय कुमार के नेतृत्व में यह पहला चुनाव था। नगर परिषद व नगर पंचायत चुनावों में कांग्रेस ने अच्छी सफलता हासिल की थी। वह चुनाव पार्टी चुनाव चिन्ह पर नहीं था। नगर निगम का चुनाव पार्टी चिन्ह पर था जिसमें कांग्रेस के पक्ष में नतीजे नहीं आए हैं।

दो दिन ही उतरे थे प्रचार में सीएम

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू नगर निगम चुनावों में दो दिन प्रचार में उतरे थे। उन्होंने मंडी से अपने प्रचार की शुरूआत की थी। इसके बाद वह पालमपुर, धर्मशाला और सोलन गए थे। कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल भी तीन दिन हिमाचल में थी और प्रचार में थी।