महाराणा प्रताप के शौर्य और स्वाभिमान को कभी भुलाया नहीं जा सकता : उमेश भाटी

महाराणा प्रताप के शौर्य और स्वाभिमान को कभी भुलाया नहीं जा सकता : उमेश भाटी

Maharana Pratap's valor and self-respect

Maharana Pratap's valor and self-respect

फरीदाबाद। दयाराम वशिष्ठ: ओल्ड फरीदाबाद मार्केट स्थित पथवारी मंदिर परिसर में  शनिवार को महाराणा प्रताप के जयघोषों से गूंज उठा,  जब महाराणा प्रताप राजपूत सेवा समिति द्वारा महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण ठाकुर ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ठाकुर उमेश भाटी चेयरमैन हरियाणा  उपस्थित रहे।

Maharana Pratap's valor and self-respect

कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण को राष्ट्रभक्ति से भर दिया। बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोगों, युवाओं एवं महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

इस अवसर पर ठाकुर उमेश भाटी ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मातृभूमि, स्वाभिमान और धर्म की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष, त्याग और वीरता आज भी देश के युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।

Maharana Pratap's valor and self-respect

उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित से समझौता नहीं किया, उसी प्रकार आज देश के युवाओं को भी राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे महापुरुषों के जीवन को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के आयोजक किशन ठाकुर ने कहा कि महाराणा प्रताप जयंती मनाने का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं बल्कि समाज को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

उन्होंने कहा कि समाज को संगठित होकर महाराणा प्रताप के आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य करना चाहिए, ताकि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना मजबूत हो सके।
इस अवसर पर समाज के कई वरिष्ठ लोग, युवा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।