सपनों को मिली उड़ान: लखनऊ की खुशी गुप्ता बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल; ब्याज मुक्त ऋण से खड़ा किया अपना 'ग्लैम हाउस'

सपनों को मिली उड़ान: लखनऊ की खुशी गुप्ता बनीं महिला उद्यमिता की मिसाल; ब्याज मुक्त ऋण से खड़ा किया अपना 'ग्लैम हाउस'

Lucknows Khushi Gupta Becomes

Lucknow's Khushi Gupta Becomes

लखनऊ। Lucknow's Khushi Gupta Becomes, उत्तर प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें 'जॉब सीकर' के बजाय 'जॉब क्रिएटर' बनाने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प अब धरातल पर रंग ला रहा है। इसी कड़ी में लखनऊ की खुशी गुप्ता महिला उद्यमिता की एक नई पहचान बनकर उभरी हैं। 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत मिले वित्तीय सहयोग से उन्होंने न केवल अपना ब्यूटी बिजनेस शुरू किया, बल्कि आज वे अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से सशक्त कर रही हैं।

सपनों को मिला सरकारी संबल

लखनऊ में बीए एलएलबी की पढ़ाई कर रही खुशी गुप्ता की रुचि हमेशा से ब्यूटी और मेकअप इंडस्ट्री में थी। प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद उनके पास हुनर तो था, लेकिन बड़े स्तर पर काम शुरू करने के लिए पूंजी की कमी थी। खुशी ने बताया कि उन्हें सरकार की युवा उद्यमी योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने एक सप्ताह का उद्यमिता प्रशिक्षण लिया और योजना के तहत आवेदन किया।

ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण की ताकत

खुशी को इस योजना के माध्यम से ₹4.5 लाख का कर्ज प्राप्त हुआ, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त होना था।

  • उपयोग: इस राशि का उपयोग उन्होंने सैलून के इंटीरियर और वेंडर्स के भुगतान के लिए किया।

  • सफलता: वर्ष 2025 में लखनऊ के खुर्रम नगर इलाके में ‘ग्लैम हाउस’ (यूनिसेक्स सैलून, स्टूडियो और एकेडमी) की शुरुआत हुई।

  • प्रभाव: आज खुशी न केवल लाखों का टर्नओवर कर रही हैं, बल्कि अपनी एकेडमी के जरिए अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही हैं।

युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही योजना

योगी सरकार 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ रही है।

  • वित्तीय सहायता: योजना के तहत ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

  • जीडीपी में योगदान: खुशी जैसी हजारों महिला उद्यमी आज सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जीडीपी को मजबूती दे रही हैं।

खुशी गुप्ता की यह सफलता की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों के अभाव में अपने हुनर को दबाए बैठे हैं। सरकार की यह योजना 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रही है।