लखनऊ में ‘बड़ा मंगल’ पर 500 भंडारे, पर्यावरण संरक्षण के साथ दिखी आस्था और सेवा की मिसाल
- By Gaurav --
- Thursday, 07 May, 2026
Lucknow Witnesses 500 Bhandaras
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आस्था, सेवा और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संगम देखने को मिला, जब पहले ‘बड़ा मंगल’ के अवसर पर शहरभर में लगभग 500 सामुदायिक भंडारों का आयोजन किया गया। लखनऊ नगर निगम (LMC) के अनुसार, इस वर्ष कम से कम 470 भंडारों का पहले से पंजीकरण किया गया था, जबकि अपंजीकृत भंडारों की संख्या इससे कहीं अधिक बताई जा रही है।
हनुमान जी को समर्पित ‘बड़ा मंगल’ के अवसर पर शहर के हजरतगंज, अलीगंज, गोमती नगर, इंदिरानगर, चौक, आलमबाग और चारबाग सहित कई इलाकों में दिनभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पारंपरिक पूरी-सब्जी, बूंदी और शरबत के साथ इस बार कढ़ी-चावल, छोले-चावल, पनीर, कुल्फी और आइसक्रीम भी आकर्षण का केंद्र रहे।
नगर निगम ने इस बार “शून्य अपशिष्ट भंडारा” अभियान चलाकर आयोजकों को सिंगल यूज प्लास्टिक से बचने और पत्तल व मिट्टी के बर्तनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया। सभी पंजीकृत स्थलों पर गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण की व्यवस्था की गई, जबकि 79 टैंकरों से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की गई।
‘वॉटर वुमन’ के नाम से प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता Shipra Pathak ने शहरभर में करीब 55 हजार पर्यावरण अनुकूल पत्तल वितरित किए। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक मुक्त आयोजन करने की अपील करते हुए कहा कि बड़े आयोजनों में प्लास्टिक का इस्तेमाल नदियों और नालों को प्रदूषित करता है।
उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री Asim Arun ने भी “स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त और हरित बड़ा मंगल” मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सेवा के साथ पर्यावरण की रक्षा करना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है