"लखनऊ: होली पर दुर्लभ चंद्र ग्रहण और ब्लड मून, भारत समेत कई देशों में दिखाई देगा"

"लखनऊ: होली पर दुर्लभ चंद्र ग्रहण और ब्लड मून, भारत समेत कई देशों में दिखाई देगा"

"Lucknow: Rare lunar eclipse and blood moon on Holi,

लखनऊ। रंगों के त्योहार होली पर इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। तीन मार्च को लगने वाला यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। इसका सूतक काल भी मान्य होगा। चंद्र ग्रहण पर सौ वर्ष बाद दुर्लभ खगोलीय संयोग भी होगा, इस दिन ब्लड मून का नजारा भी देखने को मिलेगा।

दुर्लभ खगोलीय घटना के दौरान चांद का रंग पूरी तरह खून की तरह लाल दिखाई देगा, जिसे 'ब्लड मून' कहा जाता है। वर्ष के पहले चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा गहरे नीले और गहरे लाल रंग में दिखाई देगा। यह खगोलीय घटना भारत में शाम को दृश्यमान होगी।

जिसमें चंद्रमा तांबे के रंग का दिखाई देगा। यह चूड़ामणि योग में लगेगा और इसका सूतक काल भी मान्य होगा। भारत में इस वर्ष का पहला चंद्र ग्रहण तीन मार्च को दोपहर तीन बजकर 20 मिनट से शुरू होगा और छह बजकर 47 मिनट तक रहेगा।

सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू

इसकी खास बात यह है कि यह भारत समेत पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के कई हिस्सों में दिखाई देगा। इस ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू हो जाएगा। इस दौरान किसी भी तरह के शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश या नई शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर गर्भवती महिलाओं को सावधानी रखने और सभी लोगों को शांत मन बनाए रखने की जरूरत होती है।

बढ़ जाती है नकारात्मक ऊर्जा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण और सूतक के दौरान मूर्ति स्पर्श और भोजन बनाने या खाने की मनाही होती है। इस समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है, इसलिए नए कामों या शुभ कार्यों से परहेज करना चाहिए। सूतक काल ग्रहण लगने से नौ घंटे पहले शुरू हो जाता है। भारत में ग्रहण दृश्यमान होगा, इसलिए सूतक काल मान्य होगा। सूतक और ग्रहण के दौरान शुभ कार्यों या पूजा-पाठ से परहेज करें।

कितने बजे दिखेगा ब्लड मून

प्रयागराज- शाम 06:08 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 38 मिनट)
कानपुर- शाम 06:14 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 32 मिनट)
वाराणसी- शाम 06:04 से लेकर शाम 06:46 तक (कुल 43 मिनट)

चंद्र ग्रहण के मुख्य तथ्य

तिथि और समय: 3 मार्च 2026 शाम 6:22 बजे से 6:47 बजे तक (आंशिक प्रभाव)।
दुर्लभ संयोग: सौ वर्षों में पहली बार होलिका दहन के अगले दिन ब्लड मून लगेगा।
ब्लड मून (Blood Moon): पृथ्वी की छाया से चंद्रमा ढंक जाएगा और इसका रंग गहरा लाल/तांबा हो जाएगा।
दृश्यता: भारत, उत्तरी अमेरिका, पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र में देखा जाएगा।