लखनऊ अग्निकांड: एसआईटी ने शुरू की जांच, अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू

लखनऊ अग्निकांड: एसआईटी ने शुरू की जांच, अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अफसरों पर शिकंजा कसना शुरू

Lucknow Fire Incident: SIT begins investigation

Lucknow Fire Incident: SIT begins investigation

 लखनऊ। Lucknow Fire Incident: अलीगंज के अवैध व्यावसायिक भवन में भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने मंगलवार को जांच शुरू कर दी।

एसआइटी उन अफसरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो इस अवैध निर्माण के जिम्मेदार हैं। एलडीए ने उन 19 पुराने इंजीनियरों की सूची भी एसआइटी को सौंप कर कार्रवाई की संस्तुति की है जो जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

इनमें से एक एके सिंह की मौत हो चुकी है। अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम टीम ने करीब एक घंटे तक इमारत का निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए।

टीम यहां से ट्रामा सेंटर पहुंची, जहां घायलों से बातचीत की। टीम ने पूछा कि कैसे आग लगी और वहां से निकलने के क्या इंतजाम थे। पुलिस ने ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराई। भवन और आसपास के क्षेत्र को रिकार्ड किया गया ताकि कोई भी महत्वपूर्ण साक्ष्य छूट नहीं जाए।

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एसआइटी ने जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और एलडीए उपाध्यक्ष से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।सोमवार को दो बजे अलीगंज में अवैध रूप से आवासीय क्षेत्र में बनाए गए भवन में आग लग गई थी, जिसमें 15 युवाओं की मौत होने के साथ ही सात लोग घायल हो गए थे।

प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि एकल आवासीय आवास की जगह वहां तीन मंजिला व्यावसायिक भवन खड़ा हो गया और कमर्शियल कनेक्शन भी हो गया। एसआइटी की जांच के साथ ही अलीगंज में अवैध निर्माण कराने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।

एलडीए की पांच सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने वर्ष 2016 से 2019 तक तैनात रहे 19 जोनल अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं और सुपरवाइजरों के नाम तय कर दिए हैं। इनकी सूची एसआइटी को सौंप दी गई है। तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव पर भी कार्रवाई की तैयारी है। दुर्गेश ने ही वर्ष 2016 में पहले ध्वस्तीकरण आदेश दिए और बाद में उसे वापस ले लिया।

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एलडीए ने एक जनवरी से 20 जून तक अवैध निर्माण को लेकर जारी नोटिस और ध्वस्तीकरण आदेश की रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंपी है। अलीगंज अग्निकांड में एलडीए के जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।

एलडीए की पांच सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने वर्ष 2016 से 2019 तक तैनात रहे 19 जोनल अधिकारियों, सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं के नाम तय कर दिए हैं। इनकी सूची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर गठित एसआइटी को सौंप दी गई है।

तत्कालीन विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव ने ही वर्ष 2016 में पहले ध्वस्तीकरण आदेश दिए और बाद में उसे वापस ले लिया। एलडीए ने एक जनवरी से 20 जून तक अवैध निर्माण को लेकर जारी नोटिस और ध्वस्तीकरण आदेश की रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री को सौंपी है।

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एफएसएल ने जुटाए घटनास्थल से नमूने

घटनास्थल पर एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से सात मोबाइल फोन, पहचान पत्र और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की है, जिनको जांच के लिए भेजा गया है। गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ दौरा बीच में रद कर घटनास्थल का मुआयना किया था।

उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआइटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआइटी को सात दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है।

वीरेंद्र समेत चारों आरोपितों को जेल भेजा

पुलिस ने इस मामले के चार आरोपितों को जेल भेज दिया। सोमवार को दर्ज मुकदमे के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपितों से पूछताछ के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए।

गिरफ्तार आरोपितों में भवन मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, एनिमेशन एवं गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शाप एवं क्लीनिक के संचालक रामकृष्ण उपाध्याय तथा इमारत में नेटवर्किंग का काम करने वाले सुरेश कुमार शामिल हैं।

वीरेंद्र शुक्ला को मेडिकल परीक्षण के लिए ले गई तो उसने सीने में दर्द की शिकायत की। डॉक्टरों द्वारा परीक्षण किए जाने के बाद उसे स्वस्थ पाए जाने पर अन्य आरोपितों के साथ जेल भेज दिया गया। घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

अमृत अभिजात हम लोगों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया है। साथ में फारेंसिक टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जांच दायरे में शामिल किया गया है। अग्निकांड पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी।

एडीजी प्रवीण कुमार

यह हैं जिम्मेदार

विहित प्राधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव, जोनल अधिकारी अधिशासी अभियंता अवनीन्द्र सिंह, बीपी मौर्या, पीसी पांडेय, आनंद मिश्रा- सहायक अभियंता, सुनील कुमार, गिरीश चंद्र शर्मा, अमर कुमार मिश्र, आरएस सिंह, अनिल कुमार संजय शुक्ला- अवर अभियंता,जय प्रकाश नारायण, रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, प्रमोद पांडेय, अम्बरीश कुमार शर्मा, शिवानंद शुक्ला, हेमंत कुमार- निलंबित।