लखनऊ: 35°C की धूप में सीएम योगी का शक्ति प्रदर्शन; सपा-कांग्रेस के खिलाफ 'जन आक्रोश पदयात्रा' से गढ़ा नया नैरेटिव
Lucknow: CM Yogi's Show of Strength in 35°C Heat
Lucknow: CM Yogi's Show of Strength in 35°C Heat, नौ साल के कार्यकाल में कदाचित यह पहला अवसर था जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोनों उप मुख्यमंत्रियों और सहयोगी दलों को लेकर विरोधी तेवर के साथ पदयात्रा पर निकले। बेशक यह यात्रा नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक गिरने से आक्रोशित महिलाओं को संबल देने और सपा व कांग्रेस को घेरने के लिए थी, लेकिन इस बहाने भाजपा ने नया नैरेटिव गढ़ने का लिटमस टेस्ट भी कर लिया।
बेहद कड़ी धूप में जन आक्रोश महिला पदयात्रा का नेतृत्व करते हुए सीएम योगी अपने आवास पांच-कालिदास मार्ग से सिविल अस्पताल होते हुए विधानसभा तक गए, जिसका संदेश दूर तक जाएगा।

यात्रा के दौरान सपा और कांग्रेस के खिलाफ लगातार नारेबाजी से साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को पीडीए की काट के रूप में पेश करते हुए 2027 तक हवा देती रहेगी। सीएम योगी ने कहा कि देशभर में निकली जन आक्रोश पदायात्रा का संदेश अब गांव-गांव पहुंचाना है। विधेयक का विरोध करने वाले दलों को महिलाएं क्षमा नहीं करेंगी।

सुरक्षा कारणों से आमतौर पर शांत नजर आने वाले कालिदास मार्ग पर मंगलवार को महिला कार्यकताओं की भारी भीड़ पहुंची। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने दो दिन पहले लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर एवं आसपास के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर जन आक्रोश पदयात्रा की रूपरेखा बनाते हुए महिलाओं को टीमों का जिम्मा दिया।
सीएम आवास के सामने मंच सजाया गया, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संसद में कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसे दलों के आचरण से नारी शक्ति आहत है। उसके स्वालंबन की संभावनाओं पर चोट पहुंची है।
सीएम योगी ने दोनों डिप्टी सीएम के साथ निकाली पदयात्रा
तेज गर्मी के बीच सीएम योगी सुबह 9.53 बजे मंच से उतरकर मंत्रियों, महिला पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ पदयात्रा पर निकले। उनके सिर पर भगवा साफा था, जिनके दायीं ओर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और बायीं ओर ब्रजेश पाठक व प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी चल रहे थे।

तापमान 35 डिग्री से ज्यादा था। सामने चलती एक वैन से कार्यकर्ता ''नारी के सम्मान में, हम सब हैं मैदान में, नारी का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान, महिलाओं के अधिकारों पर वार, कांग्रेस, सपा जिम्मेदार’ जैसे नारे लगा रहे थे। बड़ी संख्या में कार्यकताओं के हाथ में तिरंगा था। कहीं पर भाजपा का झंडा या कमल निशान नजर नहीं आया।

पार्टी ने इससे दूरी बनाई। भारी सुरक्षा के बीच करीब सीएम अपनी टीम के साथ सुबह 10.15 बजे लोकभवन के सामने लगे मंच पर पहुंच गए। पहले प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने संबोधित किया। कहा कि तीन दशक तक इस बिल को अटकाने और भटकाने वाले दलों ने एक बार फिर महिलाओं के विरोध कर अपना दोहरा चरित्र दिखा दिया।

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा का यह पाप मातृ शक्ति कभी क्षमा नहीं करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने 11 साल के कार्यकाल में हर योजनाओं के केंद्र में महिलाओं को रखा, जिससे वो तेजी से स्वावलंबी बनीं। कांग्रेस और सपा जैसे दलों के पास अपने पाप धोने का अवसर था, लेकिन विधेयक का विरोध कर इन्होंने यह अवसर भी गंवा दिया।
कहा कि इतनी भीषण गर्मी और कड़ी धूप में जन आक्रोश पदयात्रा में शामिल हुई महिलाओं का संदेश गांवों तक पहुंचना है, जिसके लिए कार्यकर्ता पूरी शक्ति लगाएं। मंत्री ओमप्रकाश राजभर, आशीष पटेल, अनिल कुमार, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, प्रदेश महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता शाक्य और महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान समेत कई अन्य महिलाएं भी शामिल थीं।