Big News: लखनऊ ATS का बड़ा खुलासा: रेल हादसा कराने की साजिश, कई संदिग्धों के नाम आए सामने

Big News: लखनऊ ATS का बड़ा खुलासा: रेल हादसा कराने की साजिश, कई संदिग्धों के नाम आए सामने

Lucknow ATS Makes Major Revelation

Lucknow ATS Makes Major Revelation

लखनऊ। Lucknow ATS Makes Major Revelation, आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए आतंकियों से कई नाम उगलवाए हैं। इन्हें आकिब ने आतंकी संगठनों के इशारे पर काम करने के लिए तैयार किया था। यह आतंकी मेरठ निवासी साकिब के संपर्क में भी थे।

पूछताछ में साकिब ने बताया है कि पाकिस्तानी हैंडलर उन्हें रेल दुर्घटना को अंजाम देने का लक्ष्य देते थे। इसी सिलसिले में कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी हैंडलर के कहने पर कुछ आतंकियों ने रेल ट्रैक पर गैस सिलेंडर रख कर बड़ी रेल दुर्घटना को अंजाम देने की कोशिश की थी। यह जानकारी सामने आने के बाद एटीएस ने पिछले डेढ़ वर्षों में उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में गैस सिलेंडर या किसी अन्य वस्तु को रेल ट्रैक पर रखने के मामलों की जांच शुरू कर दी है।

एटीएस के सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आतंकियों कि गिरोह में 10 से ज्यादा युवक शामिल थे। इन्हें हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने से लेकर रेल दुर्घटना को अंजाम देने तक का प्रशिक्षण दिया गया था। पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा प्रशिक्षण के लिए इन्हें संबंधित वीडियो भेजे जाते थे। उसे देखकर संबंधित आतंकियों ने रेल दुर्घटना को अंजाम देने के लिए कुछ रेल ट्रैक पर गैस सिलेंडर रखे थे।

एटीएस ने इनके मोबाइल लोकेशन का ब्योरा निकाला है। अब टावर लोकेशन के जरिए एटीएस की टीमें इसकी जांच कर रही हैं कि पिछले डेढ़ वर्षों में उत्तर प्रदेश में रेल ट्रैक पर गैस सिलेंडर रखे जाने के कितने मामले जानकारी में आए थे। संबंधित स्थलों के लोकेशन पर आतंकियों के मोबाइल के जरिए उनकी उपस्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।

गौरतलब है कि एटीएस पिछले शुक्रवार को मेरठ निवासी साकिब व अरबाब, गौतमबुद्ध नगर निवासी विकास गहलावत व लोकेश पंडित को आतंकी संगठनों को रेलवे स्टेशनों, सरकारी संस्थानों व नेताओं की रेकी कर उनकी सूचनाएं भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था। एटीएस ने अदालत से इनका पांच दिन का रिमांड हासिल किया है।

अरबाब, विकास व लोकेश ने पूछताछ में यह भी जानकारी दी है कि साकिब को असलहों का शौक था। आतंकी संगठनों द्वारा उन्हें क्यूआर कोड के जरिए भेजी जाने वाली राशि से वह असलहा भी खरीदना चाहता था। इस मामले में एटीएस जल्द ही कुछ और आतंकियों की गिरफ्तारी कर सकता है।