उत्तर प्रदेश में फर्जी विश्वविद्यालयों की ताज़ा सूची
Latest list of fake universities in Uttar Pradesh
लखनऊ। देशभर के कथित फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची एक बार फिर जारी की गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने फरवरी में ही इसको जारी किया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जारी इस सूची में कुल 32 संस्थानों के नाम शामिल हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के चार संस्थान भी दर्ज हैं। यूजीसी की सूची के अनुसार प्रदेश से जिन संस्थानों का नाम शामिल किया गया है, उनमें गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग (इलाहाबाद), महामाया टेक्निकल प्राविधिक विश्वविद्यालय, महर्षि नगर (गौतमबुद्धनगर), नेताजी सुभाष चंद्र बोस यूनिवर्सिटी (ओपन), अलीगढ़ तथा भारतीय शिक्षा परिषद भारत भवन, मटियारी, चिनहट (लखनऊ) शामिल हैं।
इस सूची में शामिल कुछ संस्थानों के बारे में स्थानीय स्तर पर यह भी सामने आया है कि कई स्थानों पर इनका भौतिक अस्तित्व नहीं मिल रहा है। लखनऊ में भारतीय शिक्षा परिषद के मामले में संबंधित पते पर वर्तमान में कोई विश्वविद्यालय संचालित नहीं पाया गया।
परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार, संस्था में आनलाइन और आफलाइन प्रवेश की प्रक्रिया वर्ष 2014 में तत्कालीन निदेशक के निधन के बाद से बंद बताई गई है। वेबसाइट का संचालन केवल पूर्व में संचालित पाठ्यक्रमों के सत्यापन के लिए जारी होने की बात कही गई है। साथ ही परिषद से जुड़े मामले के जिला न्यायालय में विचाराधीन होने की जानकारी भी दी गई है।
उत्तर प्रदेश में फर्जी विश्वविद्यालय
- गांधी हिंदी विद्यापीठ प्रयाग
- महामाया टेक्नीकल विश्वविद्यालय नोयडा
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी
- अलीगढ़ व भारतीय शिक्षा परिषद भारत भवन लखनऊ।
मान्यता की आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें
यूजीसी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की आधिकारिक पुष्टि अवश्य कर लें, ताकि भविष्य में शैक्षणिक या कानूनी समस्याओं से बचा जा सके। वहीं गांव-गांव तक अपना जाल फैला चुके फर्जी विश्वविद्यालय हर वर्ष हजारों छात्रों को शिकार बना रहे हैं।
कैसे पता करें फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची
छात्र और अभिभावक प्रवेश लेने से पहले यूजीसी की वेबसाइट पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जरूर देंखे। गौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर यूजीसी सिर्फ उनकी सूची जारी करने भर की औपचारिकता निभाता है। उनके बाद वह नहीं देखता है कि कहां क्या हो रहा है।
फर्जी विश्वविद्यालयों से कैसे बचें स्टूडेंट्स
उच्च शिक्षा तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान करना जरूरी हो गया है। विद्यार्थियों को प्रवेश लेने से पहले यूनिवर्सिटी की मान्यता चेक करनी चाहिए। वेबसाइट डोमेन को ध्यान से चेक करना चाहिए। ऑफिशियल वेबसाइट में https, edu.in या ac.in होता है। फीस का तरीका, इंफॉर्मेशन बुलेटिन में गलतियां, अप्रूवर लेटर, NAAC ग्रेड और लोकेशन की जांच आदि तरीके से फर्जी यूनिवर्सिटीज की पहचान की जा सकती है।