राम मंदिर ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां संभाल रहे कृष्णमोहन और महंत दिनेंद्रदास, व्यवस्थाओं पर बढ़ाया फोकस
Krishnamohan and Mahant Dinendradas,
अयोध्या। Krishnamohan and Mahant Dinendradas, राम मंदिर के महासचिव रहे चंपतराय व डॉ. अनिल कुमार मिश्र के व्यवस्था से अलग होने के बाद अब मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के मोर्चे पर अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन के अलावा ट्रस्टी महांत दिनेंद्रदास भी डट गए हैं।
शनिवार को वह सुबह साढ़े पांच बजे ही मंदिर परिसर पहुंचे। पहले श्रृंगार आरती में सम्मिलित हुए। पुजारियों से रामलला के श्रृंगार व बाल भोग को लेकर वार्ता की।
मंदिर में दर्शनार्थियों से बातचीत करते रहे
महांत दिनेंद्रदास ने कहा, भगवान की सेवा में कोई कमी न आने पाए, ये हमेशा ध्यान रखा जाए। आरती के बाद उन्होंने परिसर के विभिन्न मंदिरों में जाकर पुजारियों से बात की। दर्शनार्थियों से बातचीत करते रहे।
एक दर्शनार्थी ने बताया कि बातचीत में उन्होंने रामलला के प्रति हिंदू धर्मावलंबियों की अगाध आस्था के बारे में चर्चा की। सभी से नियमित दर्शन का आह्वान किया।
अंतरिम महासचिव कृष्णमोहन के अतिरिक्त ट्रस्टी महांत दिनेंद्र दास भी संभाल रहे व्यवस्थागत दायित्व
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अत्यंत भरोसेमंद कृष्णमोहन इंडियन फारेस्ट सर्विस के अधिकारी भी रह चुके हैं। प्रशासनिक अनुभव रखने वाले 73 वर्षीय कृष्णमोहन हरदोई के रहने वाले हैं और आरएसएस में पूर्वी उत्तर प्रदेश के संघचालक भी हैं। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1952 में जन्मे कृष्ण मोहन का आरएसएस से जुड़ाव महाराष्ट्र में नौकरी के दौरान हुआ। अब महासचिव के रूप में वह ट्रस्ट की प्रशासनिक गतिविधियों के समन्वय, क्रियान्वयन तथा विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों के संचालन में प्रमुख भूमिका में दिखेंगे।