14 साल बाद पंजाब में फिर मिलेगा मिट्टी का तेल, केंद्र सरकार ने जारी किया कैरोसिन ऑयल का कोटा
- By Gaurav --
- Friday, 13 Mar, 2026
Kerosene Oil Returns to Punjab After 14 Years
14 साल बाद पंजाब में फिर मिलेगा मिट्टी का तेल, केंद्र सरकार ने जारी किया कैरोसिन ऑयल का कोटा केंद्र की Government of India द्वारा केंद्र शासित प्रदेशों और विभिन्न राज्यों के साथ-साथ Punjab में करीब 14 वर्षों के बाद कैरोसिन ऑयल (मिट्टी का तेल) का कोटा एक बार फिर से जारी कर दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार आने वाले दिनों में पंजाब के राशन कार्ड धारकों को फिर से मिट्टी का तेल उपलब्ध कराया जाएगा। इस फैसले से राज्य के लाखों जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
ऑल इंडिया फेयर प्राइस डीलर्स फेडरेशन यूनियन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव Karamjit Singh Adecha ने बताया कि वर्ष 2012 में पंजाब में कैरोसिन ऑयल की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई थी। उस समय राज्य में अकाली-भाजपा सरकार थी और तत्कालीन मुख्यमंत्री Parkash Singh Badal ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर बताया था कि राज्य की अधिकांश जनता को एलपीजी गैस सिलेंडर की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है, इसलिए मिट्टी के तेल की जरूरत कम हो गई है। इसके बाद केंद्र सरकार ने पंजाब में चल रहे करीब 22 हजार से अधिक राशन डिपो पर मिलने वाले कैरोसिन ऑयल की सप्लाई बंद कर दी थी।
अब करीब 14 साल बाद केंद्र सरकार ने यह कोटा दोबारा जारी करने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय हालात और गैस सिलेंडरों की बढ़ती कमी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान समेत कई खाड़ी देशों पर किए गए हमलों के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता पर असर पड़ा है।
इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने राज्यों को कैरोसिन ऑयल का कोटा फिर से जारी करने का फैसला लिया है। इस फैसले से पंजाब के राशन डिपो होल्डरों और गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि राज्य में Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana से जुड़े करीब 38 लाख परिवारों को इसका लाभ मिल सकता है। इन परिवारों से जुड़े लगभग 1.57 करोड़ लोगों को फिर से कैरोसिन ऑयल मिलने की संभावना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य को हर तीन महीने बाद लगभग 5 लीटर मिट्टी का तेल दिया जा सकता है। यह तेल सरकारी राशन डिपो के माध्यम से वितरित किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले को गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है, खासकर उन इलाकों में जहां अभी भी एलपीजी गैस की नियमित उपलब्धता नहीं है या लोग आर्थिक कारणों से गैस का उपयोग कम करते हैं। आने वाले दिनों में इस संबंध में राज्य स्तर पर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।