'कृपया इस्तीफा दे दीजिए पर भारत का सर मत झुकाइए..' केजरीवाल का PM मोदी पर बड़ा बयान, अमेरिका के 'इजाजत' वाले बयान पर घमासान
Kejriwal on PM Modi over US 30-Day Waiver To Allow India For Purchase Russian Oil
Arvind Kejriwal on PM Modi: अमेरिका द्वारा यह कह जाने पर की वह भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत देते हुए 30 दिनों की अस्थाई छूट दे रहा है। इस पर भारत में 'घमासान' मच गया है। विपक्ष के साथ-साथ आम लोग भी सोशल मीडिया पर एक ही सवाल दागते दिख रहे हैं की आखिर अमेरिका भारत को 'इजाजत' देने वाला कौन होता है और ऐसा कैसे कह सकता है?
लोगों ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र संप्रभु देश है और उस पर कोई और देश इस तरह की मनमानी नहीं कर सकता। वहीं कांग्रेस समेत विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ट्रंप की जी हुज़ूरी में झुके हुए हैं और देश को अमेरिका के हाथों में सौंप दिया है। इसीलिए आजादी के बाद पहली बार अमेरिका खुलेआम भारत के साथ गुलामों जैसा बर्ताव कर रहा है। लेकिन यह स्वीकार नहीं हो सकता।
'कृपया इस्तीफा दे दीजिए पर भारत का सर मत झुकाइए..'
इधर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने भी अमेरिका के 'इजाजत' वाले बयान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर जमकर हमला बोला है। केजरीवाल ने पीएम मोदी को इस्तीफा देने तक कह दिया। केजरीवाल ने लिखा, ''भारत को रशिया से तेल ख़रीदने की इज़ाज़त देने वाला अमेरिका कौन होता है? भारत को अमेरिका से इज़ाज़त की क्यो ज़रूरत है? पिछले कुछ महीनों में देशवासियों ने बहुत पीड़ा के साथ देखा है कि किस तरह एक के बाद एक, हर कदम पर आप ट्रम्प के सामने झुक गए और आपकी उसके सामने बोलने तक की हिम्मत नहीं हुई।''
केजरीवाल ने आगे लिखा, ''मोदी जी, आख़िर आपकी ऐसी कौन सी मजबूरी है जिस की वजह से आप ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं। भारत हज़ारों वर्ष पुराना देश है। भारत 140 करोड़ लोगों का एक महान देश है। भारत ने एक से बढ़कर एक वीर योद्धा पैदा किये हैं। आज तक भारत ने किसी भी देश के सामने इस तरह सर नहीं झुकाया। आज तक भारतीय इतिहास में कभी भी भारत का नेतृत्व इतना कमजोर नहीं रहा।''
वहीं केजरीवाल ने आगे कहा, ''अगर आपकी वाकई कोई ऐसी मजबूरी है जिसका फ़ायदा ट्रम्प उठा रहा है, तो भारत और भारतीय हितों की ख़ातिर, कृपया इस्तीफ़ा दे दीजिए। पर ऐसे भारत माँ का सर मत झुकाइए। सभी देशवासियों को बेहद पीड़ा हो रही है।"

मनीष सिसोदिया ने वीडियो किया जारी
इधर आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी एक पीएम मोदी का एक पुराना वीडियो जारी करते हुए उनपर हमला बोला। सिसोदिया ने कहा, एक समय नरेंद्र मोदी जी कहते थे “International pressure हम पैदा कर सकते हैं, 100 करोड़ का देश है। आज अमेरिका के वित्त मंत्री ने दुनिया के सामने बयान दिया कि हमने भारत को झुकाकर रखा हुआ है। अमेरिका हमें बता रहा है कि तेल कब, किससे, कब तक खरीदना है और किससे नहीं खरीदना है। क्या मजबूरियाँ है कि भारत के प्रधानमंत्री इस बारे में एक शब्द नहीं बोल रहे हैं?
एक समय नरेंद्र मोदी जी कहते थे “International pressure हम पैदा कर सकते हैं, 100 करोड़ का देश है।”
आज अमेरिका के वित्त मंत्री ने दुनिया के सामने बयान दिया कि हमने भारत को झुकाकर रखा हुआ है।अमेरिका हमें बता रहा है कि तेल कब, किससे, कब तक खरीदना है और किससे नहीं… pic.twitter.com/LGzXmEsWXe
यह है पूरा मामला
दरअसल ईरान से जारी भीषण जंग और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक बाजार में तेल और गैस की आपूर्ति पर मंडराते संकट और दबाव को देखते हुए अमेरिका ने भारत को कुछ समय के लिए रूस से तेल खरीदने की अस्थाई छूट दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की तरफ से सोशल मीडिया पर आधिकारिक तौर से एक बयान जारी करते हुए यह कहा गया है कि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत देते हुए 30 दिनों की अस्थाई छूट दी जा रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ऊर्जा आपूर्ति क्षेत्र में बहुत अच्छा काम रहे हैं और उनकी वजह से तेल और गैस का प्रोडक्शन अब तक के सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने बयान जारी करते हुए लिखा, ''ग्लोबल मार्केट में तेल का फ्लो जारी रखने के लिए, ट्रेजरी डिपार्टमेंट भारतीय रिफाइनरियों को रशियन तेल खरीदने की इजाज़त देने के लिए 30-दिन की टेम्पररी छूट दे रहा है। यह जानबूझकर किया गया शॉर्ट-टर्म तरीका रशियन सरकार को कोई खास फाइनेंशियल फायदा नहीं पहुंचाएगा क्योंकि यह सिर्फ उन ट्रांजैक्शन को मंज़ूरी देता है जिनमें पहले से समुद्र में फंसा तेल शामिल है। बयान में आगे कहा गया कि इंडिया यूनाइटेड स्टेट्स का एक ज़रूरी पार्टनर है, और हमें पूरी उम्मीद है कि नई दिल्ली US तेल की खरीद बढ़ाएगी। यह कामचलाऊ तरीका ईरान की ग्लोबल एनर्जी को बंधक बनाने की कोशिश से पैदा हुए दबाव को कम करेगा।''

जंग में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत
जंग में एक-दूसरे पर किए जा रहे भीषण हमले में ईरान-इजरायल में 28 फरवरी से अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1000 से अधिक लोग घायल हैं। ईरान सुप्रीम लीडर खामेनेई के साथ-साथ कई ईरानी शीर्ष कमांडर और नेता मारे गए हैं। वहीं इस जंग में अमेरिका के 4 सैनिक भी शहीद हुए हैं। बता दें कि जंग में जहां अमेरिका और इजरायल एकसाथ मिलकर ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं तो वहीं ईरान भी पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करते देखा जा रहा है। ईरान ने इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया है और वहां मौजूद अमेरिकी ठिकानों के साथ-साथ वहां की सार्वजनिक-रेजिडेंसियल इमारतों पर भी मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। जिससे खाड़ी देशों का भी व्यापक नुकसान हुआ है।