कानपुर समन्वय बैठक: आरएसएस और भाजपा के बीच 'मिशन 2027' पर मंथन, सीएम योगी का कड़ा रुख
Kanpur coordination meeting: RSS and BJP discuss
कानपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) व भाजपा की कानपुर प्रांत की समन्वय बैठक में विचारधारा, संगठन, समाज और सरकार पर चर्चा हुई। विवादों के समाधान पर जोर दिया गया।
संघ ने कहा-शासन में बैठे लोग कार्यकर्ताओं का नहीं करते सम्मान, योगी बोले-करेंगे कार्रवाई
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के पार्टी व संघ पदाधिकारियों के बीच पहली बार हुई इस तरह की बैठक में संघ ने स्पष्ट किया कि विचारधारा से कोई समझौता नहीं होगा। सुझाव दिया कि यूजीसी के नए नियम को लेकर सवर्णों की नाराजगी दूर करने, भाजपा कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाने, राष्ट्रीय, प्रदेश स्तरीय व कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों में हाल के दिनों में सामने आए भाजपाइयों के स्थानीय विवादों के चलते हो रही किरकिरी के समाधान पर पार्टी को काम करना चाहिए।
संघ व भाजपा की समन्वय बैठक में यूजीसी के नए नियम से नुकसान पर चर्चा
इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सभी सुझावों पर अमल होगा। कार्यकर्ताओं का सम्मान सर्वोपरि है और इसकी अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई होगी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पहुंच अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वह पंडित दीनदयाल उपाध्याय सनातन धर्म इंटर कालेज नवाबगंज पहुंचे। यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। यहां ही आयोजित बैठक वर्ष 2027 के विधान सभा चुनाव पर चर्चा से शुरू हुई तो सवाल उठा कि मौजूदा समस्याएं व चुनौतियां बहुत हैं।
संघ का विवादों के समाधान पर जोर, मुख्यमंत्री बोले-सुझावों पर होगा अमल
यूजीसी के नए नियम को लेकर सभी ने माना कि इससे पार्टी को नुकसान हुआ है, सवर्ण समाज नाराज है। भाजपा का पीडीए कार्ड कमजोर पड़ा है, इसकी भरपाई करनी होगी। सबका साथ, सबका विकास की राह पर चलकर ही विधान सभा चुनाव में सफलता पा सकते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा के विवादों की चर्चा में संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि इससे अनुशासित पार्टी की छवि प्रभावित हुई है। भाजपा को चाहिए कि सभी विवादों का निराकरण करे।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के बीच झड़प पड़ रही भारी
महोबा में चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत व जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के बीच झड़प, कानपुर देहात में मंत्री प्रतिभा शुक्ला व सांसद भोले की प्रतिस्पर्धा पार्टी को भारी पड़ रही है। फतेहपुर में तत्कालीन जिलाध्यक्ष मुखलाल व पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के बीच रार से भी नुकसान हुआ। कानपुर में महापौर प्रमिला पांडेय व उनके बेटे अमित पांडेय बंटी को लेकर असंतुष्ट पार्षदों के मोर्चा खोलने से छवि खराब हो रही है।
सीएम ने कहा, इसे देखें व निपटाएं
इस पर मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं से कहा कि इसे देखें व निपटाएं। संघ के बड़े पदाधिकारियों ने एक तरह से आरोप लगाया कि शासन में बैठे लोग आम कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं कर रहे। अफसर इनकी सुनते नहीं हैं, जबकि इन्हीं के दम पर पार्टी सत्ता में है। सरकारी योजनाओं के अमल पर बात हुई। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में चल रहीं विकास योजनाओं को जल्द पूरा करने की बात कही, क्योंकि जल जीवन मिशन, खोदी सड़कों से लोग परेशान हैं।
सीएम ने कहा, आने वाले दिनों में बेहतरी दिखेगी
मुख्यमंत्री ने समस्याएं, शिकायतें व सुझाव सुनने के बाद संघ व भाजपा के बीच समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में बेहतरी दिखेगी। कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलेगा। पार्टी विवादों से किनारा करेगी और अनुशासनहीन पदाधिकारी-कार्यकर्ता बाहर किए जाएंगे।
बैठक में क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत संघचालक भवानी भीख, प्रांत कार्यवाह रामकेश, सह कार्यवाह प्रदीप भदौरिया, प्रांत प्रचारक श्रीराम समेत संघ व उसके आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।