'मेरी लाश पापा को छूने भी मत देना...' 24 साल के युवा वकील ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान, 2 पेज का सुसाइड नोट पढ़कर सिहर उठेंगे
Kanpur 24 Years Old Lawyer Suicide Due To Father Abusive Behavior
Kanpur Lawyer Suicide: एक बाप के खराब बर्ताव ने बेटे के जहन को इस कदर पीड़ा से भर दिया की मौत को चुनने के सिवाय उसे और कोई रास्ता ही नहीं दिखा। यह खबर वास्तव में रोंगटे खड़े करने वाली है। दरअसल मामला यूपी के कानपुर का है। जहां पिता के हर दम अपमानजनक और अपशब्दपूर्ण रवैये से क्षुब्ध और परेशान होकर 24 साल के युवा वकील ने कानपुर कोर्ट की 5वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। उसके जहन में शर्मिंदगी इस कदर बैठ गई की उसने ज़िंदगी को खत्म कर मौत को गले लगा डाला। वकील की पहचान प्रियांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई है। प्रियांशु ने मरने से पहले 2 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा है।
सुसाइड नोट में जो लिखा गया है उसे पढ़कर आप भी सिहर उठेंगे। प्रियांशु ने सोशल मीडिया स्टेटस पर सुसाइड नोट लगाया और इसके बाद अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट पढ़कर यह समझ आता है की प्रियांशु की उम्र भले 24 साल थी, लेकिन उसका दुख पहाड़ सा था। वह हर दम बेचैनी और बेज्जत में घुटा जा रहा था। सुसाइड नोट में प्रियांशु ने बचपन से लेकर अपनी पूरी ज़िंदगी की दर्द भरी कहानी बयां की है। उसने लिखा है, ''अब तक जो चीजें मेरे साथ घटित हुईं, मुझे नहीं लगता कि इस तरह से बेगैरत की जिंदगी जीने लायक है।''
प्रियांशु ने अपने सुसाइड नोट में बताया कि कैसे छह साल की उम्र में जब चुपके से उसने फ्रिज में रखा मैंगोशेक पी लिया था, इसपर पापा ने नंगा कर घर से बाहर निकाल दिया था और वो बात उसके जेहन में घर कर गई। जिसे वह कभी नहीं भूल पाया। पापा के उलाहने तरह-तरह के अपशब्द बोलना, बात-बात पर घर से निकाल देने की धमकी और मोहल्ले और सबके सामने बेइज्जत करना, इस सबकी पीड़ा प्रियांशु की ज़िंदगी पर बोझ बनती गई। जिसे अब वह और नहीं उठा सकता था। आखिरकार प्रियांशु का सब्र जवाब दे गया, उसे कुछ समझ ना आया और जान देना ही एक रास्ता दिखा। मरने से पहले प्रियांशु को लिखना पड़ गया 'भगवान किसी को ऐसे पापा ना दें। साथ ही लिखा, मैं हार गया, पापा जीत गए, उन्हें जीत मुबारक।'
प्रियांशु के सुसाइड नोट में क्या-क्या?
प्रियांशु ने सुसाइड नोट में लिखा है, ''मेरी ये अंतिम इच्छा है कि सब लोग मेरे इस सुसाइड नोट को अंत तक पूरा पढ़े… मैं प्रियांशु श्रीवास्तव निवासी वरुण विहार, बर्रा-8 कानपुर का रहने वाला हूं। आज 23 अप्रैल समय लगभग दोपहर 12.05 बजे मैं अपने पूरे होश में बिना किसी जोर–दबाव और जबरदस्ती के यह सुसाइड नोट लिख कर अपनी जान दे रहा हूं। मैं एक रजिस्टर्ड अधिवक्ता हूं, जिसने अपनी लॉ की पढ़ाई कानपुर नगर से 2025 में पूरी की है।समय की कमी होने के कारण मैं अपना पंजीकरण उत्तर प्रदेश बार कांउसिल प्रयागराज से प्राप्त नहीं कर सका हूं।''
'मेरी लाश पापा को छूने भी मत देना, लव यू मम्मी'
उसने आगे लिखा, ''कहानी शुरू होती है मेरे बचपन से, करीब 6 साल की उम्र में फ्रिज में रखा आम का जूस पी लिया तो निर्वस्त्र कर घर से बाहर भगा दिया गया। हर मिनट शक की नजरों से देखना, एक एक मिनट का हिसाब लेना… ये मानसिक टॉर्चर ही है। हाईस्कूल रिजल्ट आने से पहले मेरे पापा ने मुझे धमकी दी कि अगर नंबर कम आए तो निर्वस्त्र कर घर से भगा देंगे। रोज घुट–घुट कर मरने से लाख गुना बेहतर है कि एक दिन मरके खत्म हो। सभी मां–बाप से मेरी यह अपील है कि अपने बच्चों पर उतना ही टॉर्चर करें, जितना वो बर्दाश्त कर सकें। मेरा ये निवेदन है कि मेरी लाश को मेरे पापा छू भी न पाएं। मैं हार गया, पापा जीत गए। लव यू मम्मी…।''

पिता को भी फॉरवर्ड किया सुसाइड नोट
बताया जाता है कि प्रियांशु ने सुसाइड करने से पहले दोपहर 12.05 बजे 2 पेज का सुसाइड नोट लिखा था। वहीं सोशल मीडिया के व्हाट्सऐप और फेसबुक स्टेटस पर सुसाइड नोट लगाने के साथ-साथ उसने सुसाइड नोट को उसने अपने पिता और दोस्तों को भी फॉरवर्ड किया। लेकिन जब तक परिजन और दोस्त सुसाइड नोट देखते, तब तक वह जान दे चुका था। फिलहाल इस पूरी घटना ने हर किसी को दहला दिया है। वहीं दूसरी तरफ कानपुर पुलिस ने इस मामले में जांच-पड़ताल और आगामी कार्रवाई कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और सुसाइड नोट समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है।