बस 1% काम बाकी! अगले कुछ हफ्तों में फाइनल हो जाएगी भारत-अमेरिका ट्रेड डील, अमेरिकी राजदूत ने दिए बड़े संकेत
MEA Confirms US Trade Team Visit
नई दिल्ली: MEA Confirms US Trade Team Visit: दिल्ली में अगले सप्ताह भारत और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक वार्ता होने जा रही है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार, 29 मई 2026 को आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिका का एक उच्च स्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल 1 जून से 4 जून 2026 तक भारत के दौरे पर रहेगा. इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच चल रही आर्थिक और व्यापारिक वार्ताओं को आगे बढ़ाना और एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देना है.
विदेश मंत्रालय का आधिकारिक बयान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. इससे पहले अप्रैल 2026 में भारत के एक व्यापारिक दल ने अमेरिका का दौरा किया था, जहां दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई थी. अब अमेरिकी टीम भारत आ रही है ताकि उन चर्चाओं को एक ठोस समझौते में बदला जा सके. जायसवाल ने इस पूरी प्रक्रिया को "सकारात्मक और रचनात्मक" बताया.
वार्ता के मुख्य बिंदु और एजेंडा
हालांकि विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर विस्तृत एजेंडा साझा नहीं किया है, लेकिन सरकारी सूत्रों के अनुसार इस चार दिवसीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी:
- बाजार पहुंच: दोनों देश एक-दूसरे के बाजारों में अपने सामान और सेवाओं की पहुंच को आसान बनाने पर विचार करेंगे.
- गैर-टैरिफ बाधाएं: व्यापार को धीमा करने वाले तकनीकी और प्रशासनिक नियमों को सरल बनाया जाएगा.
- सीमा शुल्क और व्यापार सुगमता: दोनों देशों के बीच कस्टम प्रक्रियाओं को डिजिटल और तेज करने पर सहमति बनेगी.
- आर्थिक सुरक्षा और निवेश: क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए निवेश प्रोत्साहन पर ध्यान दिया जाएगा.
नस्लवाद पर भारत का कड़ा रुख
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत-अमेरिका संबंधों को "21वीं सदी की सबसे निर्णायक साझेदारी" बताया. इसी बीच, अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ कथित नस्लवाद के एक वायरल वीडियो पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया, "किसी भी तरह का नस्लवाद, कहीं भी, पूरी तरह से अस्वीकार्य है."