झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा: पेपर लीक कांड में 166 अभ्यर्थी पहुंचे जेल, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

झारखंड उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा: पेपर लीक कांड में 166 अभ्यर्थी पहुंचे जेल, मास्टरमाइंड की तलाश तेज

Jharkhand Excise Constable Recruitment Exam

Jharkhand Excise Constable Recruitment Exam

रांची। Jharkhand Excise Constable Recruitment Exam, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से संबद्ध फर्जी पेपर लीक मामले में झारखंड की रांची पुलिस ने गिरफ्तार 166 अभ्यर्थियों समेत गिरोह के सदस्यों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेज दिया है।

अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि इस संगठित फर्जीवाड़े में झारखंड के 138 और बिहार के 21 अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें सर्वाधिक संख्या झारखंड के ही गिरिडीह जिले के युवकों की बताई जा रही है।

सभी अभ्यर्थियों को रांची के तमाड़ प्रखंड स्थित एक अर्द्धनिर्मित नर्सिंग होम में ठहराया गया था, जहां छापेमारी कर पुलिस ने उन्हें रविवार को गिरफ्तार किया था।

एक कैंडिडेट से 15 लाख रुपये तक की वसूली

रांची पुलिस के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नर्सिंग होम का निर्माण करा रहा जमशेदपुर निवासी ठेकेदार गौरव सिंह है। उसने अभ्यर्थियों के रहने, खाने सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराईं और इसके एवज में उनसे प्रति अभ्यर्थी 10 से 15 लाख रुपये की वसूली की गई।

इस पूरे प्रकरण में पटना निवासी चुनचुन की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई है, जो अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराता था। वह दावा करता था कि परीक्षा लेने वाली एजेंसी से ही पेपर लीक हुआ है।

गिरोह में विनोद कुमार, अरविंद चौधरी, विक्की साहू, गुलाब यादव, फिरोज, छोटू, अभिषेक यादव, आदित्य सिंह और अलफाज समेत कई शामिल थे, जो अभ्यर्थियों को लाने, ठहराने और पैसे वसूलने का काम करते थे।

जांच में जुटी पुलिस 

पुलिस ने क्रिस्टोफर नामक व्यक्ति को गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया है, जो पैसों के लेन-देन और पूरी व्यवस्था संभालता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अभ्यर्थियों को पहले रांची के नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन चौक पर बुलाया गया, जहां से उन्हें अलग-अलग वाहनों में तमाड़ पहुंचाया गया।

इधर, सभी आरोपितों को सोमवार को चार वाहनों से कोर्ट ले जाया गया। एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि जांच और तेज की जाएगी। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों में छापेमारी जारी है। साथ ही ठेकेदार गौरव सिंह की तलाश में जमशेदपुर में भी कार्रवाई की जा रही है।