ईरान ने ठुकराया शांति वार्ता का प्रस्ताव, दूतों को इस्लामाबाद भेजने से साफ इनकार
Iran Rejects Negotiation Talks
तेहरान: Iran Rejects Negotiation Talks: ईरान ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि वह शांति वार्ता के दूसरे दौर में हिस्सा लेने के लिए सहमत हो गया है, जिसके बारे में अमेरिका ने कहा था कि यह कल के लिए निर्धारित है. अल जजीरा ने यह रिपोर्ट दी है.
अल जजीरा ने इरना (IRNA) समाचार एजेंसी का हवाला देते हुए बताया कि उसने उन बातों की आलोचना की, जिन्हें उसने 'वॉशिंगटन की अत्यधिक माँगें, अवास्तविक अपेक्षाएँ, रुख में लगातार बदलाव, बार-बार होने वाले विरोधाभास और जारी नौसैनिक नाकाबंदी' बताया जिसे वह संघर्ष-विराम का उल्लंघन मानता है.
इस्लामाबाद में बातचीत के दूसरे दौर के बारे में छपी खबरें सच नहीं हैं, इसमें कहा गया, और यह भी जोड़ा गया कि अमेरिका द्वारा प्रकाशित खबरें उनका मीडिया गेम है और ईरान पर दबाव बनाने के लिए 'दोषारोपण के खेल' का हिस्सा है.
इस बीच शरीफ के एक एक्स पोस्ट के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर टेलीफ़ोन पर बातचीत की. उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने सऊदी अरब, कतर और तुर्की के नेताओं के साथ अपनी हालिया मुलाकातों से मिली जानकारियाँ साझा की.
इस बीच दूसरी ओर अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने चल रही कूटनीतिक कोशिशों को लेकर उम्मीद जताई. अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी समझौते से बहुत दूर नहीं है. राइट ने 'फॉक्स न्यूज संडे' से कहा, 'सार्वजनिक चर्चाओं में आप जो कुछ भी सुनते हैं, उसके बावजूद ईरानियों के साथ बातचीत चल रही है. मुझे लगता है कि असल में यह बातचीत अच्छी चल रही है.'
उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक रचनात्मक वार्ताकार बताया, जो अलग-अलग तरीकों से दबाव बनाते हैं और अलग-अलग तरीकों से अनिश्चितता का इस्तेमाल करते हैं. राइट ने कहा, 'मुझे लगता है कि इस विवाद का अंत अच्छा होगा.' उन्होंने आगे कहा कि एक बार जलडमरूमध्य (Strait) के फिर से खुलने के बाद जहाज़ों की आवाजाही फिर से शुरू होने में समय लगेगा, लेकिन शायद बहुत ज़्यादा समय नहीं लगेगा.'
दिन की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर सहित अमेरिकी प्रतिनिधि, ईरान के साथ संघर्ष विराम वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान जाएंगे. साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि तेहरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा.
ट्रंप ने कहा, 'हम कूटनीति को एक आखिरी मौका दे रहे हैं. यदि ईरान इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करता है तो जो कुछ भी करना जरूरी होगा, उसे करना मेरे लिए सम्मान की बात होगी.' ये घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आए हैं, जब दो सप्ताह की संघर्ष विराम अवधि 22 अप्रैल को समाप्त होने वाली है.