पेट्रोल-डीजल किल्लत की अफवाहों पर IOCL ने तोड़ी चुप्पी, कहा- मांग बढ़ी लेकिन सप्लाई सामान्य
IOC Rejects Fuel Shortage Rumours
नई दिल्ली: IOC Rejects Fuel Shortage Rumours: देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने यह साफ कर दिया है. कंपनी ने आधिकारिक बयान जारी कर उन खबरों को खारिज किया है जिनमें ईंधन के संकट का दावा किया जा रहा था. आईओसी के मुताबिक, कुछ पेट्रोल पंपों पर देखी गई तेल की किल्लत पूरी तरह से स्थानीय और अस्थायी है, जो जल्द ही ठीक हो जाएगी.
आपूर्ति प्रभावित होने के मुख्य कारण
देश के कुछ हिस्सों में ईंधन की सप्लाई में आई इस रुकावट के पीछे आईओसी ने तीन प्रमुख कारण बताए हैं:
फसल कटाई का मौसम: देश के कई राज्यों में इस समय फसलों की कटाई का सीजन चल रहा है. कृषि कार्यों में ट्रैक्टर और अन्य मशीनों के अत्यधिक उपयोग के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में डीजल की मांग अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गई है.
प्राइवेट पंपों से ग्राहकों का आना: निजी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें सरकारी पंपों की तुलना में काफी अधिक हैं. इस वजह से आम उपभोक्ता निजी पंपों को छोड़कर सरकारी आउटलेट्स से तेल खरीद रहे हैं, जिससे वहां भीड़ बढ़ गई है.
थोक खरीदारों की रीटेल पंपों पर निर्भरता: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से सीधे थोक (Bulk) में ईंधन खरीदना बहुत महंगा हो गया है. इसके चलते बड़े संस्थान और इंडस्ट्रीज सीधे रीटेल पेट्रोल पंपों पर आकर डीजल खरीद रहे हैं.
मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और तैयारी
मई महीने के आंकड़ों के अनुसार, देश में ईंधन की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है. पिछले साल के मुकाबले पेट्रोल की बिक्री में 14 फीसदी और डीजल की बिक्री में 18 फीसदी की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
इंडियन ऑयल के पास देश भर में 42,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का बड़ा नेटवर्क है. कंपनी का कहना है कि इनमें से केवल कुछ ही आउटलेट्स पर सप्लाई चेन में दिक्कत आई थी. सरकारी तेल कंपनियों के पास देश भर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल
इस सप्लाई व्यवस्था के बीच, आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है. तेल कंपनियों ने पिछले 10 दिनों में तीसरी बार ईंधन के दामों में बढ़ोतरी की है. इस नए संशोधन के तहत पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है. तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते यह बढ़ोतरी करना जरूरी हो गया था. आईओसी ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग यानी डर के मारे जरूरत से ज्यादा तेल खरीदने से बचें.