निवेशकों का भरोसा बना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत

निवेशकों का भरोसा बना उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत

Investor Confidence Becomes Uttar Pradesh

Investor Confidence Becomes Uttar Pradesh

लखनऊ। Investor Confidence Becomes Uttar Pradesh, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है। दुनिया के कई हिस्सों में जारी अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और अव्यवस्था के बीच उत्तर प्रदेश आज निवेश व व्यापार के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद वातावरण के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में निवेश करने वाली 45 से अधिक कंपनियों को सब्सिडी के रूप में 2781.11 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी जारी की।

मंगलवार को लोकभवन में इन्वेस्ट यूपी की तरफ से आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने निवेशकों की सुविधा के लिए विकसित किए गए निवेश मित्र-3.0 पोर्टल को लांच किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने बीते नौ वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग के अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है। आज उत्तर प्रदेश में निवेशकों के अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हैं। जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने 62 कंपनियों को निवेश के लिए लेटर आफ कंफर्ट (एलओसी) प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों द्वारा दिए गए निवेश के प्रस्तावों के माध्यम से लगभग 50,000 करोड़ निवेश राज्य में आएगा। इससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाजार व कुशल श्रमिक उपलब्ध हैं। भारत का ही नहीं, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास है

कहा कि, ‘ईज आफ डूइंग बिजनेस’(कारोबार में सुगमता) को और मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत लैंड यूज की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड यूज स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। ‘निवेश मित्र 3.0’ के जरिए 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को सरल बनाकर 200 से कम सेवाओं में समेकित किया गया है। इसमें पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक सीएएफ, एआई चैटबाट, रियल-टाइम ट्रैकिंग, आटोमेटेड अलर्ट और एंड-टू-एंड आनलाइन मानिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कहीं ट्रेड यूनियन या अन्य किसी नाम पर उद्योगों को बाधित करने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कानपुर की ‘लाल इमली’ मिल का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे पहले ट्रेड यूनियनों के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण एक समय का प्रमुख टेक्सटाइल हब बंद होकर खंडहर में बदल गया।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में माफियाओं की जिलों और थानों में समानांतर सत्ता चलती थी। माफिया उद्यमियों व व्यापारियों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए थे। नतीजतन हमने जीरो टालरेंस नीति अपनाई, जिसके चलते नौ वर्षों में प्रदेश की छवि बदली। अब अगर कोई माफिया दुस्साहस करता है तो समझें कि वह यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट कटवा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 75 हजार एकड़ का लैंड बैंक है। बेहतर कनेक्टिविटी है।

देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी यूपी की है। 12 घरेलू व चार अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नोएडा में शुरू होने जा रहे देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से निवेश को नई दिशा मिल रही है। 28 मार्च को पीएम नरेन्द्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी व आइटी एंड इलेक्ट्रानिक विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

निजी बिजनेस पार्क नीति और स्किल कनेक्ट से बढ़ेगा निवेश व रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए निजी बिजनेस पार्क नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत अब कोई भी निवेशक बिजनेस पार्क विकसित कर प्लग-एंड-प्ले माडल पर उद्योगों को आगे बढ़ा सकेगा। सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी, जबकि निवेशक अपना निवेश करेंगे और रेवेन्यू शेयर व्यवस्था के तहत पारदर्शी तरीके से लाभ का बंटवारा होगा। साथ ही इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से पीएमयू कौशल कनेक्ट सेल का गठन किया गया है। वहीं, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाएगा।

नौ वर्षों में 3367 एलओसी हुए जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच केवल 16 एलओसी जारी किए गए थे, जबकि पिछले नौ वर्षों में निवेश को लेकर 3367 एलओसी जारी की गई हैं। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, आटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रानिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लेकर लेटर आफ कंफर्ट जारी किया।