पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: प्रधानमंत्री मोदी का व्यापक विजन

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: प्रधानमंत्री मोदी का व्यापक विजन

Infrastructure Development in Western Uttar Pradesh

Infrastructure Development in Western Uttar Pradesh

पश्चिमी यूपी में मोदी के विजन से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास.

उत्तराखंड से कनेक्टिविटी मजबूत, रोजगार सृजन पर जोर.

नोएडा एयरपोर्ट, मेरठ मेट्रो, दिल्ली-देहरादून हाईवे प्रमुख परियोजनाएं.

 मेरठ। गति से प्रगति के फार्मूले को धरातल पर साकार करने में साधनारत नए भारत के विश्वकर्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का प्रमुख केंद्र पश्चिमी उप्र बन चुका है, जिसे उसके सबसे महत्वपूर्ण पड़ोसी उत्तराखंड को जोड़ा जा रहा है।

जिस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक परियोजनाओं से पश्चिम उप्र को समृद्ध किया जा रहा है, उसका लाभ दिलाने के लिए उत्तराखंड के प्रमुख हिस्सों को भी एनसीआर व पश्चिमी उप्र से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री भले ही ग्रीनफील्ड हाईवे के उद्घाटन के अवसर पर देहरादून में भाषण दे रहे थे लेकिन उनके भविष्य के खाके में उत्तराखंड के साथ-साथ शामिल था पश्चिमी उप्र का नोएडा, मेरठ व आसपास के जिले।

विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव 2029 की भूमिका बनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने यह अर्थ समझाया कि इस तरह की कनेक्टिविटी से सिर्फ आना-जाना ही आसान नहीं होगा बल्कि रोजगार सृजन भी बड़ी संख्या में होगा।

नोएडा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्धाटन, सेमी कंडक्टर यूनिट का शिलान्यास, मेरठ में देश की सबसे तेज मेट्रो और नमो भारत कारिडोर का उद्धाटन और अब दिल्ली से देहरादून तक एसेस कंट्रोल हाईवे के उद्घाटन का उन्होंने जिक्र किया।

बताया कि कुछ ही समय में बड़ी तेजी से पश्चिमी उप्र में वैश्विक परियोजनाएं धरातल पर उतरी हैंं। यह हाईवे दिल्ली से शुरू होकर बागपत, बड़ौत, शामली, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर होते हुए देहरादून पहुंचता है। पश्चिमी उप्र में इंफ्रास्ट्रक्चर के मोदी विजन पर गौर करें तो यह सामने आता है कि यहां के सभी हिस्से को विभिन्न शहरों व राज्यों से जोड़ा जा रहा है।

देहरादून में कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुतीकरण में दर्शाया गया कि शामली से गोरखपुर तक नया एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। उधर, जिस तरह से मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे बनाया गया है वहीं अब हरिद्वार को भी इस एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मेरठ से नजीबाबाद-पौड़ी हाईवे और मेरठ-रुड़की-हरिद्वार हाईवे पहले से ही हैं। मुरादाबाद, अलीगढ़ से भी उत्तराखंड की कनेक्टिविटी बेहतर हो चुकी है।

संघ से सरकार तक अब अधिक नजदीक होंगे पश्चिम उप्र-उत्तराखंड

पश्चिम उप्र-उत्तराखंड गति, व्यापार और परिवार से अब सीधे जुड़ सकेंगे। पश्चिम उप्र जितना दिल्ली व हरियाणा से जुड़ाव रखता है उतना ही उसका प्रभाव उत्तराखंड पर है। उत्तराखंड अलग राज्य बनने से पहले दोनों ही जुड़कर कार्य करते थे।

अब भी उत्तराखंड के विभिन्न प्रशासनिक कार्य पश्चिम उप्र के साथ जुड़े हैं। आयकर विभाग, जीएसटी समेत विभिन्न केंद्रीय सेवाओं में उत्तराखंड को पश्चिम उप्र से जोड़ा गया है। वहीं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की क्षेत्रीय ढांचे में पश्चिमी उप्र के 14 जिले व उत्तराखंड का पूरा राज्य ही मेरठ क्षेत्र का हिस्सा हैं।