'विश्व शांति के लिए भारत की मध्यस्थता जरूरी': स्लोवाकिया की पूर्व पीएम ने आगरा में की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की वकालत

'विश्व शांति के लिए भारत की मध्यस्थता जरूरी': स्लोवाकिया की पूर्व पीएम ने आगरा में की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की वकालत

Indias Mediation Essential for Global Peace

'India's Mediation Essential for Global Peace

आगरा। दुनिया में शांति को पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध में भारत मध्यस्थता कर सकता है। उसे संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता मिलनी चाहिए। इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (आईआईएमयूएन) जैसी संस्थाएं इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

ईरान युद्ध के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन अधिक जिम्मेदार हैं। वह यूरोपीय यूनियन को कमजोर बनाना चाहते हैं।

स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा सुरक्षा परिषद में मिले स्थायी सदस्यता

स्लोवाकिया की पूर्व प्रधानमंत्री इवेता रेडिचोवा ने रविवार शाम होटल आईटीसी मुगल में प्रेसवार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कार्यकाल भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। भारत द्वारा दो माह पूर्व यूरोपीय यूनियन के साथ किया गया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, ट्रंप के टैरिफ को जवाब था।

भारत और यूरोप के मानवीय मूल्य एक हैं

स्लोवाकिया की पहली महिला प्रधानमंत्री रहीं इवेता ने कहा कि भारत और यूरोप के मानवीय मूल्य एक हैं। दोनों जनता के लिए काम कर रहे हैं, अन्य देश लोगों को घृणा करना सिखा रहे हैं।

आईआईएमयूएन के वरिष्ठ निदेशक यथार्थ भारद्वाज ने कहा कि आगरा, फिरोजाबाद व आसपास के क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है। उन्हें उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता है।