यूपी विधान परिषद में सपा ने किसानों के मुद्दे पर सरकार पर किया हमला
In the UP Legislative Council
लखनऊ। विधान परिषद में गुरुवार को सपा ने कृषि और किसानों के प्रति सरकार के सौतेले व्यवहार का मुद्दा उठाया। सदन की कार्यवाही रोककर चर्चा की मांग की।
कहा कि वर्तमान सरकार के नौ साल में किसानों की दशा में कोई सुधार नहीं हुआ। किसान अपनी उपज का उचित मूल्य न मिलने, बढ़ती लागत, उत्पादन में कमी, बेसहारा पशुओं की परेशानी, सरकारी योजनाओं की विफलता से हताश है।
इसके उत्तर में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने 2017 से पहले कृषि की यही तस्वीर थी, आप इससे उबर नहीं पाए हैं। आप केवल किसानों का ढिंढोरा पीटते थे, किया कुछ नहीं। इस पर असंतुष्टि जताते हुए सपा के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।
मुद्दा उठाते हुए सपा सदस्य किरण पाल कश्यप ने कहा कि यह सरकार किसानों की नहीं उद्योगपतियों की हितैषी है। छुट्टा पशु फसल खराब कर रहे हैं, किसानों को मार रहे हैं। प्रधानमंत्री खुद को देश का चौकीदार बताते हैं, परंतु सरकार ने किसानेां को चौकीदार बना दिया है।
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि प्रदेश में कृषि विस्तार अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। सरकार किसानों की उन्नति के प्रति उदासीन है। कृषि योजनाओं का बजट भी पूरा खर्च नहीं हो रहा।
सपा सदस्य शाह आलम और शाहनवाज खान ने भी अपनी बात रखी। जवाब में कृषि मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की बेहतरी के लिए कार्य कर रही है।
गन्ना मूल्य मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। आपकी तो मिल मालिकों से साठगांठ रहती थी। इस पर सपा सदस्य नारेबाजी करते हुए बहिर्गमन कर गए।
बाद में कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ने इस बार 60 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 61 लाख टन धान की खरीद की है। धान उत्पादन में उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर है। उन्होंने फसल उत्पादन से लेकर खाद वितरण तक के आंकड़े भी गिनाए।