IAS से इस्तीफा देकर चर्चा में आए रिंकू सिंह राही, बोले— बिना काम वेतन स्वीकार नहीं

IAS से इस्तीफा देकर चर्चा में आए रिंकू सिंह राही, बोले— बिना काम वेतन स्वीकार नहीं

Rinku Singh Rahi

"I will not accept a salary without doing any work."

भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर मचा दिया तहलका

बिना काम करे वेतन नहीं लेना चाहते हैं रिंकू सिंह राही

लखनऊ। "I will not accept a salary without doing any work." तालानगरी अलीगढ़ के दो रिंकू सिंह इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। एक क्रिकेट में धमाल मचा रहे हैं तो एक ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर तहलका मचा दिया है। दोनों ही खुद्दार भी हैं।

क्रिकेटर रिंकू सिंह ने जहां मैच फिनिशर के रूप में पहचान बना ली है, वहीं रिंकू सिंह राही ने भारतीय प्रशासनिक सेवा सिर्फ इसलिए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उनसे अपेक्षित काम नहीं लिया जा रहा है और वह बिना कोई सेवा देकर वेतन नहीं लेना चाहते हैं।

वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अधिकारियों से काम लेने के मामले में समानांतर व्यवस्था का विरोध किया। इसी कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया। बीते वर्ष जुलाई में शाहजहांपुर के एसडीएम के पद पर तैनाती के दौरान राही का एक वीडियो वायरल हुआ था। वकीलों के सामने उठक-बैठक करने का उनका वीडियो वायरल होने के बाद से उनको जुलाई 2025 से राजस्व विभाग में अटैच कर दिया गया था।

फील्ड पोस्टिंग नहीं मिलने से नाराज राही ने इस्तीफा दे दिया। रिंकू सिंह राही ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्हें काम करने के मौके नहीं मिल रहे थे। उन्होंने आगे लिखा कि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग सिस्टम काम कर रहा है। वेतन मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का मौका नहीं। रिंकू राही के मुताबिक, इस व्यवस्था में वे अपनी भूमिका सही ढंग से नहीं निभा पा रहे थे। उन्होंने अपने इस्तीफे को नैतिक फैसला बताया है। यानी खुद्दार रिंकू सिंह राही को बिना काम करे वेतन स्वीकार नहीं है।

भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस को देश की सबसे प्रतिष्ठित नौकरी माना जाता है। लाखों युवा हर साल इसका सपना देखते हैं, लेकिन रिंकू सिंह राही ने ऐसा फैसला लिया, जिसने सबको चौंका दिया है। 2021 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही इस सेवा से इस्तीफा देकर फिर अपने पुराने पीसीएस कैडर में लौटना चाहते हैं।

उनका यह कदम सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहा है। उनका कहना है कि उन्हें लंबे समय से कोई ठोस जिम्मेदारी नहीं दी गई। कई महीनों से बिना काम के वेतन ले रहे हैं, उन्हें बिना काम को वेतन स्वीकार नहीं है।

उन्होंने यहां तक कहा कि बिना काम के सैलरी लेना उन्हें ठीक नहीं लगता और उन्होंने कुछ समय तक सैलरी लेने से भी इनकार कर दिया। अगर उन्हें काम नहीं दिया जा रहा, तो उन्हें वापस पीसीएस सेवा में भेज दिया जाए।