उत्तर प्रदेश में शहद उत्पादन को मिलेगा नया बढ़ावा, न्यूजीलैंड की तकनीक अपनाएगी सरकार
Honey production in Uttar Pradesh will get a new boost
लखनऊ। प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए सरकार अब न्यूजीलैंड की आधुनिक तकनीक और अनुभव का भी सहारा लेगी। शुक्रवार को न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसकी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष प्रशिक्षण के लिए अधिकारियों और शहद उद्यमियों को न्यूजीलैंड भेजा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि उन्होंने रायबरेली एवं बाराबंकी के मधुमक्खी पालकों से संवाद किया है और प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का भी अध्ययन किया है।
न्यूजीलैंड में विकसित की गई उच्च गुणवत्ता वाले शहद के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं रोग नियंत्रण की आधुनिक तकनीक को यहां के मधुमक्खी पालकों तक प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड की तकनीक एवं अनुभव का लाभ लेकर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यात योग्य शहद उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। शहद आधारित चाकलेट टाफी एवं अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों तैयार करने की दिशा में काम होगा। इसके लिए किसानों और उद्यमियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण बीएल मीणा व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर सहयोग पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के व्यापार कार्यान्वयन अधिकारी ईशान जयवर्धने, कृषि सलाहकार मेलानी फिलिप्स, तकनीकी सलाहकार मधुमक्खी पालन बायरन टेलर, कृषि भागीदारी प्रबंधक न्यूजीलैंड उच्चायोग प्रियम अरोड़ा, क्षेत्रीय प्रमुख एपीडा उत्तर-पूर्व एवं लद्दाख संदीप साहा, बाराबंकी के उद्यमी निमित सिंह ‘मधुमखीवाला’ शामिल थे।