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जीएसटी के दायरे में होंगे पैट्रोल व डीजल : निर्मला

जीएसटी के दायरे में होंगे पैट्रोल व डीजल : निर्मला

जीएसटी:

नोटबंदी के बाद बंद हुई टेरर फंडिंग व फेक करंसी

जीएसटी। देश में जिस समय जीएसटी का गठन किया गया था उसी समय पैट्रोल व डीजल को इसके दायरे में रखा गया था, लेकिन अभी तक इसमें जीएसटी की दरों को लागू नहीं किया है। इस संबंध में जीएसटी कांउसिल की बैठक में फैसला किया जाएगा। जिसण्के बाद पैट्रोल व डीजल को जीएसटी के दायरे में शामिल किया जाएगा।

शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि अब राज्य सरकारें तय करेंगी कि पैट्रोल-डीजल कब जीएसटी में लाना है और कितने रेट पर लाना है।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान की गई नोटबंदी के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। नोटबंदी के बाद जहां टेरर फंडिंग के मामलों में कमी आई है वहीं नकली करंसी के केस भी कम हुए हैं। टेरर फंडिंग बंद होने का सबसे बड़ा लाभ सीमावर्ती क्षेत्रों में हुआ है जहां घुसपैठ बंद हुई है।

सीतारमण ने कहा कि कोरोना काल की चुनौती से निपटने के बाद देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आधारभूत ढांचा न केवल मजबूत हो रहा है बल्कि व्यवस्थाओं में भी बदलाव आ रहा है। देश ही नहीं राज्य सरकारों की राजस्व कलैक्शन में लगातार वृद्धि हो रही है।

किसानों की आदमन दो गुणी किए जाने के मुद्दे पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों की आमदन बढ़ाने को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि के साथ-साथ अतिरिक्त आय के साधन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। बहुत जल्द देशवासियों के सामने एक नया रोडमैप रखा जाएगा।

केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनधन योजना की शुरु की थी, तब बहुत लोगों ने मजाक उड़ाया कि कैसे जीरो एकाउंट बैलेंस रहेगा। उन्होंने बताया कि 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को जनधन खातों का फायदा मिला है, जबकि 40 करोड़ से ज्यादा लोगों का जनधन खाता है। वर्तमान में जनधन का गरीब वर्ग को इतना फायदा मिल रहा है कि वे केवाईसी के बाद अब मुद्रा ऋण तक ले रहे हैं।


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