हिमाचल की आपदा राहत और भांग की खेती: उम्मीदों और हकीकतों का विश्लेषण

हिमाचल की आपदा राहत और भांग की खेती: उम्मीदों और हकीकतों का विश्लेषण

Himachal disaster relief and cannabis cultivation

Himachal's disaster relief and cannabis cultivation

शिमला। Himachal's disaster relief and cannabis cultivation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा से हुए नुकसान को देखते हुए 1500 करोड देने का ऐलान किया था। अब तक कोई पैसा नहीं आया है, शायद मोदी भूल गए हैं, उन्हें चिट्ठी लिखनी पड़ेगी। ये बात कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि आपदा में कृषि को बहुत नुकसान हुआ है, बीते साल गगल एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले। इस दौरान प्रधानमंत्री को नुकसान की पूरी जानकारी दी गई थी।

नेता प्रतिपक्ष समेत बीजेपी के कई नेता भी मिले थे, हाल ही में मुख्यमंत्री केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिले थे। इस दौरान बहुत अच्छे फोटो भी आए, लेकिन पैसा नहीं आया। अब तक तो आपदा राहत के लिए अलग से कोई पैसा नहीं मिला है, अब पता नहीं कब मिलेगा।

कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने बताया कि हिमाचल सरकार ने भांग की नियंत्रित एवं वैज्ञानिक खेती को लेकर नीति तैयार कर ली है और इसे लागू करने के लिए जल्द ही विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। केंद्र सरकार से भी इसके लिए अनुमति। मांगी गई है।

उन्होंने कहा कि यह पहल औद्योगिक, औषधीय तथा शोध आधारित उपयोग को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य के संसाधनों में भी वृद्धि हो सके।

उन्होंने कहा कि भांग की खेती को पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित ढांचे में किया जाएगा। सरकारी अनुमानों के अनुसार, पूरी तरह से लागू होने पर इससे राज्य के खजाने में सालाना 500 से 2000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।