हिमाचल में अवैध कब्जों पर 'महा-नीति' की तैयारी: 1.24 लाख परिवारों की किस्मत का होगा फैसला, कमेटी गठित
Himachal Pradesh prepares for a 'grand policy' on illegal encroachments
शिमला। Himachal Pradesh prepares for a 'grand policy' on illegal encroachments: हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने शिमला में राजस्व, वन और विधि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान वन भूमि पर अतिक्रमण के संबंध में नीति प्रारूप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में अतिरिक्त सचिव राजस्व अनिल चौहान की अध्यक्षता में एक सब कमेटी बनाने का निर्णय लिया। कमेटी में वन व विधि विभाग के अधिकारी भी शामिल होंगे। कमेटी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप एक सप्ताह में नीति का प्रारूप सौंपेगी।
जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से कल्याणकारी राज्य की अवधारण के अनुरूप नीति प्रारूप तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
1.24 लाख लोगों ने किए हैं कब्जे
हिमाचल प्रदेश में वन और सरकारी भूमि पर 1.24 लाख से अधिक लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट इन्हें हटाने का आदेश दे चुका है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इस बीच सरकार नीति प्रारूप बनाने में जुटी है। एक सप्ताह के भीतर इसे तैयार कर सरकार सुप्रीम कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद कोर्ट के निर्णय पर कब्जा धारकों को राहत मिल सकती है।
ये रहे बैठक में मौजूद
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत, प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) संजय सूद, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद व सुनील वर्मा, संयुक्त सचिव विधि डा. विवेक ज्योति तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।