हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक फेरबदल: 8 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए तैयार

हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक फेरबदल: 8 आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए तैयार

Himachal Pradesh Administrative Reshuffle

Himachal Pradesh Administrative Reshuffle

आठ हिमाचल आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए तैयार।

आरडी नजीम, सी पालरासू, अरिंदम चौधरी अप्रैल में जाएंगे।

हिमाचल सरकार ने कम आईएएस अधिकारी भेजने का आग्रह किया।

 शिमला। Himachal Pradesh Administrative Reshuffle, हिमाचल प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को तैयार हैं। सरकार के तीन अधिकारी बजट सत्र समाप्त होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद तीनों आइएएस अधिकारी आरडी नजीम, सी पालरासू व अरिंदम चौधरी अप्रैल के पहले सप्ताह में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले जाएंगे। कुल आठ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने को तैयार हैं।

डा. अभिषेक जैन, ए साइना मोल, हरिकेश मीणा व प्रियंका बासु इंगटी को आवेदन करने के लिए अनुमति प्राप्त हो चुकी है, जबकि आइएएस राकेश कुमार प्रजापति को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में आवेदन करने की अनुमति नहीं दी गई है।

एक साल पहले प्रतिनियुक्ति से वापस लौटे आइएएस अधिकारी रितेश चौहान के अध्ययन अवकाश को सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही एम सुधा देवी की बतौर संयुक्त सचिव रैंक के लिए केंद्र में इंपेनलमेंट रुकी हुई है। 

दो अधिकारियों की अवधि पूरी

एक ओर जहां कई अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर आर सेलवम और भरत खेड़ा की प्रतिनियुक्ति अवधि पूरी हो चुकी है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर तो लंबे समय से केंद्र में हैं।

नेगी व सिंगला प्रशासनिक सेवाएं दे रहे

प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी श्याम भगत नेगी को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। आइएफएस अधिकारी सुशील कुमार सिंगला को पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है। दोनों अधिकारी सचिवालय में बैठते हैं।

153 आइएएस में से 36 पद रिक्त

प्रदेश में आइएएस कैडर के 153 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 117 आइएएस में से एक दर्जन से अधिक आइएएस केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर सेवारत हैं। आइएएस के 36 पद रिक्त पड़े हुए हैं। यदि आइपीएस अधिकारियों के स्वीकृत पदों की बात की जाए तो आइपीएस के कुल 96 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 84 पद भरे हैं, इनमें से आठ केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि 12 आइपीएस के पद रिक्त पड़े हुए हैं।

हमें नहीं चाहिए आइएएस

प्रदेश सरकार ने पत्र लिखकर केंद्र सरकार से प्रति वर्ष चार से पांच आइएएस अधिकारी नहीं देने की बात कही है। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि प्रदेश प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सरकार के पास पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से इस तरह का विषय उठाया है। पिछली सरकारों में भी अधिक आइएएस को लेकर अनिच्छा जाहिर की जाती रही है।

रितेश चौहान के पास एक विभाग

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में कई मंत्रालयों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाकर प्रदेश लौटे आइएएस अधिकारी रितेश चौहान के पास पशुपालन विभाग है। ठीक इसी तरह से सचिव पदोन्नत हुए अमरजीत सिंह को सहकारिता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुदेश कुमार मोख्टा बिना विभाग के सचिव चल रहे हैं।

सरकार किसी भी कैडर के अधिकारियों की प्रशासनिक कार्य के लिए नियुक्ति कर सेवाएं ले सकतीहै। ये कोई नई बात नहीं है। पिछली सरकारों के समय में भी आइएएस को छोड़कर अन्य कैडर के अधिकारियों से प्रशासनिक कार्य लिया जाता रहा है।
-संजय गुप्ता, मुख्य सचिव।