हिमाचल हाईकोर्ट का सख्त आदेश: कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर जवाब तलब; डिफाल्टरों पर लगेगा भारी जुर्माना

हिमाचल हाईकोर्ट का सख्त आदेश: कचरा प्रबंधन में लापरवाही पर जवाब तलब; डिफाल्टरों पर लगेगा भारी जुर्माना

Himachal High Court Strict Order

Himachal High Court's Strict Order

Himachal High Court's Strict Order, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में ठोस कचरा प्रबंधन के नियमों की अनदेखी पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार सहित जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने शहरी विकास विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और विभिन्न जिला प्रशासन को कूड़े के वैज्ञानिक निपटान और डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अभी हाईकोर्ट में शहरी विकास निदेशक, हिमाचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य सरकार सहित शहरी निकायों ने अपना जवाब दायर किया। इसमें कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई है।

खंडपीठ ने फंड के उपयोग पर केंद्र सरकार से पूछा है कि 15वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित 111 करोड़ रुपये जारी हुए हैं या नहीं। यदि हां, तो उनका उपयोग कहां किया गया है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में कचरा शुल्क के रूप में 37.18 करोड़ के मुकाबले 27.71 करोड़ रुपये ही एकत्र हुए हैं।

कोर्ट ने करीब 10 करोड़ के घाटे को वसूलने के लिए डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने को कहा है। बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र के केंडुवाल साइट पर कचरे का अंबार लगा है। प्लांट की क्षमता 60 टन प्रतिदिन थी, जबकि वहां 180-200 टन कचरा रोजाना पहुंच रहा है।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि पुराने कचरे (लीगेसी वेस्ट) और नए कचरे को अलग करने के लिए फेंसिंग की जाए और सीसीटीवी से निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही अदालत ने प्रदेश सरकार को चंडीगढ़ प्रशासन, डड्डूमाजरा मॉडल जैसे विशेषज्ञों से भी इस मामले में सलाह लेने का सुझाव दिया है।

नाहन के पास सैनवाला में नदी में भारी मात्रा में शराब की बोतलें और लेबल फेंकने का मामला सामने आया है। इसमें हिमाचल के कालाअंब और हरियाणा के कुरुक्षेत्र की दो कंपनियों की संलिप्तता पाई गई है। कोर्ट ने प्रदूषक भुगतान करे के सिद्धांत पर इन कंपनियों के खिलाफ भारी जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से अधिसूचित हिमाचल प्रदेश डिपॉजिट रिफंड स्कीम 2025 को भी प्रभावी ढंग से लागू करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 14 मई को तय की है।