हिमाचल आपदा: बोह घाटी पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू, पीड़ितों को दिलाया हरसंभव मदद का भरोसा
Himachal Disaster: Chief Minister Sukhu visits Boh Valley
धर्मशाला। Chief Minister Sukhu visits Boh Valley, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को बोह घाटी में बादल फटने की घटना के पांचवें दिन बोह पहुंचे। यहां राहत शिविर में लोगों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। जब महिला अपने घर बह जाने की व्यथा मुख्यमंत्री को सुनाने लगी तो उसके आंसु भर आए। इस पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मैं आपकी मदद करूंगा आपने रोना नहीं है। हम आपके परिवार के लोग है।
आपकी मदद करने के लिए ही मैं यहां आया हूं। मुख्यमंत्री जब लोगों का दर्द पूछने व ढांढस बंधाने बैठे तो मलबे का पत्थर टांग में लगने से घायल बच्ची को गोद में उठा लिया और बच्ची को पुचकारते हुए पूछा कहीं लगी थी। बच्ची ने पांच दिखाते हुए बताया कि मलबे के पत्थर लगने से टांग में लग गई थी।
राणो देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह से उन्होंने ऊपर से आते पानी को भांप कर हल्ला मचाया और लोगों को घरों से निकलने के लिए चिल्लाई। मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनी। राणो देवी ने बताया कि पूरा मकान बह गया है कुछ भी शेष नहीं बचा है। बहुत परेशान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परेशान मत हो, सरकार की तरफ से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत कार्यों की जानकारी भी ली। इस मौके पर विधायक व मुख्य उपसचेतक केवल सिंह पठानिया ने मुख्यमंत्री से पीड़ितों को मिलवाया और हर संभव सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया।
सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित
घुड़घुं, भंगार और सपेड़ा गांवों के कुल 25 परिवार इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। इनमें घुड़घुं गांव के 11 मकानों से जुड़े 18 परिवारों के 52 सदस्य, भंगार गांव के एक मकान से जुड़े 3 परिवारों के 16 सदस्य तथा सपेड़ा गांव के 4 मकानों से जुड़े 4 परिवारों के 16 सदस्य प्रभावित हुए हैं। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सपेड़ा गांव के 13 मकानों को डेंजर जोन घोषित किया गया है।
बोह में आपदा पीड़ित दीनानाथ के मकान के मलबे से सेना ने तीन बलटोइयां
धर्मशाला। पीतल की सुरक्षित निकाल ली हैं। दीनानाथ की पांच बलटोइयां मकान के मलबे में दफन हैं। जिसे सेना के जवानों ने सुरक्षित निकाल लिया है। कुछ और सामान भी सेना ने सकुशल निकाल लिया है। बारिश के कारण राहत कार्यों में दिक्कत आ रही है। त्रासदी में मलबे में मवेशी भी दफन है, जिसके कारण आस पास के क्षेत्र में गंध फैली है।
लेकिन सेना मलबा निकालने में जुटी है और दीनानाथ का सामान सुरक्षित निकाला है। बताया जा रहा है कि तीन पोकलेन बड़ी मशीनें भी रास्ते दुरुस्त करने व मलबा हटाने में जुट गई हैं। इसके अलावा जेसीबी भी लगी हुई हैं।