राजस्थान विधानसभा में महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट पर हाई-वोल्टेज बहस
High-voltage debate on Maharana Pratap
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार का दिन 'मेवाड़ के स्वाभिमान' और 'बजटीय आंकड़ों' की जंग के नाम रहा। महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के विकास को लेकर सदन में उस वक्त तीखी बहस छिड़ गई, जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीधे डिप्टी सीएम दीया कुमारी की घेराबंदी कर दी। सवाल 100 करोड़ की घोषणा और धरातल पर हुए महज 2 लाख के खर्च का था, लेकिन दीया कुमारी ने जिस अंदाज में पलटवार किया, उसने विपक्ष के हमलों की धार कुंद कर दी।
आंकड़ों की जंग: 100 करोड़ बनाम 2 लाख
बहस की शुरुआत बीजेपी विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी के एक सवाल से हुई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बजट घोषणाओं पर चुटकी लेते हुए कहा कि आपने महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट के लिए 100 करोड़ की घोषणा की थी, लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि दो साल में केवल 2 लाख 83 हजार रुपये ही खर्च हुए हैं। आखिर यह कछुआ चाल क्यों? इसे पूरा कब करेंगे?
घोषणाएं बड़ी हैं, लेकिन तिजोरी का मुंह बंद है। 100 करोड़ के मुकाबले 2 लाख का आंकड़ा वाकई चौंकाने वाला है।
दीया कुमारी का 'मास्टरस्ट्रोक' पलटवार
डिप्टी सीएम और पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने इस हमले को बड़ी चतुराई से पिछली सरकार की नाकामी की ओर मोड़ दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को आज महाराणा प्रताप की चिंता हो रही है, लेकिन पांच साल तक जब ये सत्ता में थे, तब इन्होंने एक रुपया भी खर्च किया क्या? हमारी सरकार ने आते ही पहले बजट में इसकी घोषणा की।
महाराणा प्रताप के गौरव के लिए 100 करोड़ क्या, अगर 1000 करोड़ भी खर्च करने पड़े तो हमारी सरकार पीछे नहीं हटेगी। अभी डीपीआर बनी है, काम पुख्ता होगा और पूरा होगा। हम पिछली सरकार की तरह आधी-अधूरी घोषणाएं नहीं करते।
सदन में 'हाई वोल्टेज' ड्रामा और स्पीकर की नाराजगी
बहस के दौरान जब गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य कांग्रेस विधायकों ने टोकाटाकी शुरू की, तो माहौल गरमा गया। टीकाराम जूली बार-बार समय सीमा पूछते रहे, जिस पर दीया कुमारी ने स्पष्ट किया कि बड़ी परियोजनाओं की डीपीआर और प्लानिंग में समय लगता है, लेकिन धरातल पर काम जल्द दिखेगा। इस खींचतान पर विधानसभा स्पीकर ने भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने बार-बार खड़े हो रहे कांग्रेस विधायकों को टोकते हुए कहा कि जब सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि डीपीआर बन चुकी है और काम प्रक्रिया में है, तो बार-बार एक ही बात पर अड़ना सही नहीं है।
डोटासरा भी विधानसभा में दहाड़े
विधानसभा में मंगलवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीकर जिले की मुख्य जिला सड़क का रूट बदलने को लेकर सरकार को घेरा। डोटासरा ने सवाल उठाया कि कांग्रेस शासन में जो रूट तय हुआ था, उसे बदलकर अब सड़क को मुख्य मार्ग के बजाय ढाणियों में दाएं-बाएं क्यों घुमाया जा रहा है? इस पर बीजेपी विधायक गोवर्धन वर्मा और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने उनके पूरक सवाल पर कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन में तीखी बहस छिड़ गई।