हाईटेंशन तारों के नीचे निर्माण पर सख्त हाई कोर्ट, हरियाणा सरकार से मांगा जवाब
- By Gaurav --
- Thursday, 23 Apr, 2026
High Court Seeks Haryana’s Reply
बिजली की हाईटेंशन ओवरहेड तारों के नीचे हुए अवैध निर्माणों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई में अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा पेश करें और इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए उठाए जाने वाले कदम भी स्पष्ट करें।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कड़ा सवाल उठाया कि आखिर किन अधिकारियों और विभागों ने ओवरहेड तारों के नीचे मकान बनाने की अनुमति दी और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के चीफ इंजीनियर ने अदालत को बताया कि हिसार, सिरसा, भिवानी, जींद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, रेवाड़ी और नारनौल सर्कल में अवैध निर्माण करने वालों को 4,558 नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से जानकारी दी गई कि अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर, सोनीपत, पानीपत, रोहतक और झज्जर में 3,316 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं।
सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि मुख्यमंत्री स्तर पर निर्देश दिए गए हैं कि जहां घनी आबादी है, वहां से 11 केवी और 33 केवी बिजली लाइनों को हटाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में हादसों को रोका जा सके।
यह मामला पानीपत में हुई एक दर्दनाक घटना के बाद सामने आया था, जहां छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए 2 जुलाई 2013 को अदालत ने इसे जनहित याचिका के रूप में सुनवाई के लिए स्वीकार किया था।