मिडिल-ईस्ट में हाई-अलर्ट: अमेरिकी KC-135 स्ट्रैटोटैंकर की इमरजेंसी और 'गायब' होने का रहस्य

मिडिल-ईस्ट में हाई-अलर्ट: अमेरिकी KC-135 स्ट्रैटोटैंकर की इमरजेंसी और 'गायब' होने का रहस्य

High Alert in the Middle East: The Emergency and Mystery of the

High Alert in the Middle East: The Emergency and Mystery

नई दिल्ली। अमेरिका का बोइंग KC-135 स्ट्रैटोटैंकर, जो अमेरिकी सेना के विमानों के लिए 'फ्लाइंग गैस स्टेशन' का काम करता है, उसने '7700' का संकट का संकेत जारी किया। Flightradar24 के अनुसार, यह घटना तब हुई जब विमान मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान के पास से फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा था, इसी दौरान इमरजेंसी घोषित कर दी।

अमेरिका का यह विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल धाफरा एयर बेस से उड़ा था, जिसके बाद कतर के ऊपर से इसके संकेत मिलने बंद हो गए। खबरों के मुताबिक, यह विमान मिडिल-ईस्ट में चल रहे सैन्य अभियानों में मदद के लिए काम कर रहा था।

इमरजेंसी का असली कारण अभी साफ नहीं

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि विमान लैंडिंग के लिए नीचे उतरने से पहले, कुछ देर तक हवा में गोल-गोल घूमता रहा। इमरजेंसी का असली कारण अभी साफ नहीं है और इस घटना का किसी दुश्मन की कार्रवाई से कई संबंध होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान की ओर से नहीं आया कोई बयान

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी Fars ने Flightradar24 के डेटा का हवाला देते हुए इस विमान के गायब होने की खबर दी। ईरान की ओर से ऐसा कोई बयान नहीं आया है जिससे यह लगे कि अमेरिकी सेना के इस विमान की इमरजेंसी में उसका कोई हाथ है। वहीं अमेरिकी सेना ने भी विमान की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।

क्या है KC-135 स्ट्रैटोटैंकर?

KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एक सैन्य विमान है, जिसके पीछे की ओर मुड़े हुए पंख के नीचे चार टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं और इसका मुख्य इस्तेमाल हवा में ही दूसरे विमानों में ईंधन भरने के लिए किया जाता है। इस विमान में ईंधन भरने वाले सिस्टम के ऊपर एक कार्गो डेक होती है, जिससे यह यात्रियों के साजो-सामान को भी ले जा सकता है। यह पिछले 60 सालों से अमेरिकी वायुसेना के अभियानों का एक अहम हिस्सा रहा है।