फिरोजपुर सीमा पर बढ़ी सुरक्षा चिंता: स्मार्ट मीटरों से सिम चोरी के मामलों ने बढ़ाई दहशत
Heightened Security Concerns at Ferozepur Border
फिरोजपुर। Heightened Security Concerns at Ferozepur Border, देश की सरहद की रक्षा करने वाले गांवों में इन दिनों एक नई चिंता घर कर गई है। पाकिस्तान सीमा से सटे गांव टेंडीवाला, चूड़ीवाला और हस्तीवाला में स्मार्ट मीटरों से सिम कार्ड चोरी होने की घटनाओं ने लोगों की नींद उड़ा दी है। यह सिर्फ चोरी का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा बनता जा रहा है।
थाना सदर पुलिस को दी लिखित शिकायत में सुलखन सिंह और मक्खन सिंह निवासी गांव रहीमेके गट्टी ने आरोप लगाया कि 3 मई की रात को अज्ञात चोरों ने उनके दो मीटरों से सिम को चोरी कर लिया है। जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरहद के नजदीक रहने वाले ग्रामीण पहले ही ड्रोन के जरिए होने वाली नशा और हथियारों की तस्करी से भयभीत हैं। अब स्मार्ट मीटरों से सिम गायब होने की घटनाओं ने उनकी चिंता को और गहरा कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसियों को दी गई सूचना
गांव टेंडीवाला निवासी मुख्तियार सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले सुरक्षा एजेंसियो ने उन्हें सूचना दी थी कि अगर गांव में स्मार्ट मीटर लगे हैं तो उनकी चिप का ध्यान रखा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले दिन ही उन्होंने देखा कि गांव में लगे मीटरों के बॉक्स में लगे दो स्मार्ट मीटर की सील तोड़कर चिप गायब थी।
उनके गांव के साथ बीएसएफ की बीओपी शामेके पड़ती है और पाकिस्तान यहां से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। गांव के साथ से सतलुज दरिया भी गुजरती है, जोकि पाकिस्तान से होकर वापस भारत में आती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे देश के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह सीमा के पास रहते हैं, लेकिन अब उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल न हो जाए।
गांव निवासी सुलखान सिंह ने कहा कि उनके और उनके भाई के स्मार्ट मीटर से सिम चोरी हुई है। अगर इन सिम का गलत इस्तेमाल हुआ तो हम निर्दोष होकर भी फंस सकते हैं। उनकी यह आशंका पूरे इलाके के लोगों की चिंता को बयां करती है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट
जानकारी मुताबिक जिले में 20 हजार से ज्यादा स्मार्ट मीटर लग चुके है और इसे लगाने का कार्य वर्ष 2022 से आरम्भ किया गया था। सीमावर्ती गांवो में भी विभाग द्वारा यह मीटर लगाने का कार्य शुरू किया गया था।
बेशक कुछ गांवों में इन मीटरों का विरोध हुआ है। सरकार द्वारा जुलाई 2022 से 600 यूनिट नि:शुल्क बिजली देने के बाद काफी लोगों ने नए मीटर के लिए आवेदन किया तो विभाग द्वारा स्मार्ट मीटर ही लगाए गए है।
बिजली विभाग के एक्सियन राजीव ने बताया कि जांच में सामने आया है कि स्मार्ट मीटरों में लगे सिम में से एक का मोबाइल में इस्तेमाल हो रहा था, जिसे तुरंत बंद करवा दिया गया है। साथ ही संबंधित आईएमईआई नंबर पुलिस को सौंप दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
स्मार्ट मीटरों में वोडाफोन और एयरटेल के सिम इस्तेमाल होते है, जिनमें वोडाफोन की सिम मोबाइल में नहीं चल सकती। विद्युत विभाग द्वारा इस मामले में एक कमेटी भी गठित की गई है और लगातार उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट दी जा रही है। लोगों को मीटर से सिम निकालने का कोई लाभ नहीं है।
एसपी डिटैक्टिव मनजीत सिंह ने बताया कि अब तक 9 सिम चोरी होने के मामले सामने आए हैं, जिन पर केस दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है बीएसएफ व अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर हर पहलू से जांच की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इन सिम के जरिए सीमा पार बैठे लोगों से संपर्क या लोकेशन शेयरिंग तो नहीं की गई।
चिप के माध्यम से पता चलती मीटर की लोकेशन
विद्युत विभाग के एक तकनीकी अधिकारी ने बताया कि स्मार्ट मीटर की चिप के माध्यम से विभाग को मीटर की लोकेशन का पता चलता है। उसी के माध्यम से उपभोक्ता को सीधा एक महींने बाद पूरा बिल बनकर चला जाता है। यह लोकेशन सिर्फ विभाग तक ही सीमित रहती है।
विभागीय अधिकारी खुद हैरत में है कि आखिर चिप के माध्यम से विभाग के अलावा अन्य व्यक्ति कैसे लोकेशन भेज सकता है। जिले में इस माह ड्रोन गतिविधियों में काफी इजाफा देखने को मिला है। मात्र अप्रैल महीने में ही करीब दो दर्जन ड्रोन एक्टिविटी सामने आ चुकी है।